जन्नत से आया था इमाम हसन व हुसैन के लिए ईद का लिबास- मौलाना मनाज़िर


जौनपुर। ज़मीने मुबारक कदम रसूल छोटी लाइन इमामबाड़ा भंडारी रेलवे स्टेशन के पीछे रविवार को पंजतनी कमेटी द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इससे पूर्व मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना मनाज़िर हसनैन खान ने कहा कि रहमत व बरकतों का महीना रमज़ानुल मुबारक अब हमसे विदा होने वाला है ऐसे में हमलोग खुदा से अपने गुनाहों की माफी मांगने के साथ साथ मुल्क में अमन चैन व शांति की दुआएं मांगे। उन्होंने कहा कि ईद क ी नमाज से पहले फितरा निकाल कर गरीबों में बांटने का हुक्म अल्लाह ने दिया है। ऐसे में आप सभी लोग अपने खानदान, रिश्तेदार व पड़ोसियों की मदद जरूर करें जिससे कि उनकी भी ईद हो सके। मौलाना ने कहा कि खुम्स निकालना सभी लोगों पर वाजिब है ऐसे में अपनी कमाई का पांचवा हिस्सा बचत का जो आता है खुम्स निकालकर जिम्मेदार लोगों तक जरूर पहुंचा दे जिससे कि आपकी रोजी रोटी में खुदा इजाफा करता रहे। मौलाना मनाजिर हसनैन ने कहा कि तीस दिन तक लगातार रोजा रखने के बाद रोजेदारों को अल्लाह की तरफ से बहुत बड़ा तोहफा ईद का मिलता है  ऐसे में नये लिबास व इत्र की खुश्बू लगाकर आपलोग नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में जायें और खुदा से दुआ करें कि इसी तरह खुशियां पूरी दुनिया में कायम रहे। मौलाना ने बताया कि ईद का मर्तबा इतना बड़ा है कि हज़रत मोहम्मद मुस्तफा स.अ. के नवासे हज़रत इमाम हसन व हज़रत इमाम हुसैन का नया कपड़ा ईद के दिन खुद जिब्राईल खुद जन्नत से बनवाकर जनाबे फातमा जहरा के घर पर आये थे ऐसे में आप लोग समझ सकते हैं कि ख्ुादा के लिए ईद का मरतबा कितना बड़ा है। इस मौके पर डॉ.कमर अब्बास, नेहाल हैदर, एजाज हुसैन, कैफी रिज़वी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मेराज हैदर, हसनैन कमर दीपू, नियाज हसन, शमशीर हसन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मेंहदी ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

टिप्पणियाँ

  1. बिल्कुल सही कहा है मौलाना ने। इससे सीखना चाहिए अपने को हिन्दू हिन्दू कहने और नफरती मानसिकता को तभी तो किसी साथी ने लिखा है ;
    डा. साहब आप और परिवार में सभी को ईद की मुबारकबाद!
    हिन्दुत्ववादीयों के यहां, हज़ारों सालों से प्रेम और सौहार्द से मिल जुलकर मनाए जाते रहे हिन्दू त्यौहार बिना घृणा - हिंसा के पूरे नहीं होते और दूसरे समुदायों के त्यौहारों को इसी घृणा और हिंसा से दूषित करने की नई रस्म निकाली है!
    हिन्दुत्ववादीयों का डी.एन.ए. क्योंकि "हिंसा और घृणा" के बिना कम्पलीट नहीं होता, लिहाज़ा कथित शिवसेना की खाल ओढ पंजाब(पटियाला) में कभी के मर कर दफ़न हो चुके ख़ालिसतानी आन्दोलन का विरोध कर सिखों को उकसाया जा रहा है ताकि प्रेम से रह रहे हिन्दू- सिखों को भिडा कर राजनैतिक स्पेस तलाशा जा सके! देश जाए भाड में, मुशकिल से सत्ता हाथ लगी है?

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