पुलिस का खुलासा अपराधी जानें कैसे बना रहा था कलर प्रिंटर से नकली नोट


अपराध के नये कारनामें खुलासा करते हुए पुलिस ने सभी को चौंका दिया है। जी हां आगरा में सदर क्षेत्र की सूर्य हेल्थ क्लब जिम में नकली नोट तैयार करने का गिरोह संचालित था। कलर प्रिंटर से दो सौ और पांच सौ रुपये के नकली नोट तैयार किए जा रहे थे।इन्हें आधी कीमत पर बाजार में खपाया जाता था। पुलिस ने शुक्रवार रात को गिरोह के सरगना समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया। इनसे आठ हजार रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर व अन्य सामान बरामद हुए हैं।
सीओ सदर अर्चना सिंह ने बताया कि राजपुर चुंगी में हरिओम की सूर्य हेल्थ क्लब नाम से जिम है। इस जिम में नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। सदर थाने की टीम ने जिम के गेट से जिम मालिक हरिओम, सदर के दुर्गा नगर निवासी लक्ष्मण, शमसाबाद के नया बास निवासी अवधेश सविता और उखर्रा निवासी राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।इनसे आठ हजार रुपये के नकली नोट, असली पांच सौ रुपये, एक एक्टिवा व सफेद कागज का बंडल बरामद हुआ। सीओ सदर ने बताया कि गिरोह का सरगना अवधेश सविता है। उसे वर्ष 2019 में एसटीएफ ने नकली नोट के मामले में पकड़कर जेल भेजा था।
आरोपित कागज पर कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट बनाता था। 500 और 200 के नोट की फोटो कापी करने के बाद वाटर मार्क की मदद से असली नोट की तरह तैयार करते थे। एजेंट बाजार में नोट को आधी कीमत पर बेचते बेचते थे। इसके अलावा शराब के ठेके और अन्य दुकानों पर रात के समय नोटों को चलाया जाता था। इससे यह पकड़ में नहीं आते थे। जेल से छूटने के बाद अवधेश ने अपने एक साथी की मदद से गैंग बना लिया था। पकड़े गए अन्य तीन लोग नोटों को चलाने का काम करते थे।
इंस्पेक्टर सदर धर्मेंद्र दहिया ने बताया कि श्याम सुंदर का शमसाबाद में जन सेवा केंद्र था। इसलिए उसे तकनीकी जानकारी थी। अवधेश के संपर्क में आने के बाद उसने नकली नोट बनाना शुरू कर दिया।जिम के एक कमरे में अंधेरे में ये कलर प्रिंट निकालने के बाद वाटर मार्किंग करते थे। इससे नोट असली जैसा लगता था।

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