फर्जी एआरटीओ को आम जनों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले, छानबीन जारी


जनपद प्रतापगढ़ में खुद को एआरटीओ बताकर राजा प्रताप बहादुर अस्पताल परिसर में बुधवार को बाइक का चालान कर रहे एक व्यक्ति को लोगों ने दबोच लिया। उसकी हरकतों पर मौके पर हंगामा भी हुआ। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस का कहना है कि पता किया जा रहा है कि वह ऐसा क्यों कर रहा था।
घटनाक्रम दोपहर तीन बजे का है। करीब 55 साल का एक व्यक्ति दो पहिया वाहन से अस्पताल आया। पहले वह इधर-उधर घूमता रहा। इसके बाद वह स्वीपर गुलाबचंद की बाइक के नंबर प्लेट की फोटो खींचकर मोबाइल एप से चालान करने लगा। बाइक से उसके आने व हाव-भाव से लोगों को संदेह हो गया कि यह कोई जालसाज है। वहां मौजूद कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी।
जालसाज ने पहले तो खुद को प्रयागराज और बाद में वाराणसी में तैनात एआरटीओ बताया। हंगामा बढ़ने पर वह सकपका गया और अपने को परिवहन विभाग का कनिष्ठ सहायक बताने लगा। इसके बाद कृषि विभाग का कर्मी कहने लगा। अस्पताल पुलिस चौकी के सिपाही मौके पर पहुंचे और उसे लेकर नगर कोतवाली गए।
तलाशी में उसके पास मिले पहचान पत्र पर भी लोगों को यकीन नहीं है, क्योंकि उस पर उसके नाम राकेश कुमार के नीचे वेतनमान तक लिखा है, जबकि कोई कार्ड क्रमांक नहीं दर्ज है। वह अपने को प्रतापगढ़ के मानधाता का निवासी भी कहता रहा। स्वीपर ने उसके खिलाफ तहरीर दी है।


शहर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी एआरटीओ बनकर आने के आराेप में पकड़े गए व्यक्ति के पास परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश शासन का एक पहचान पत्र भी मिला है। इस मामले की जांच चल रही है। परिवहन और कृषि विभाग से भी जानकारी मांगी गई है। मिलने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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