बेखौफ बदमाशो ने दरोगा को मारी गोली सरकारी पिस्टल पर्स मोबाइल लूट कर हुए फरार पुलिस तलाश में जुटी, दरोगा का उपचार जारी


वाराणसी के दरेखू में मंगलवार शाम तीन बदमाशों ने लक्सा थाने में तैनात दरोगा अजय यादव को गोली मारकर सरकारी पिस्टल लूट ली। बावर्दी दरोगा पर फायरिंग करने वाले बदमाशों की उम्र महज 18 से 21 साल के बीच में थी। सभी मुंह पर मास्क लगा रखे थे। वर्दी में दरोगा अजय यादव की पिस्टल छीनकर फायरिंग करना और पिस्टल, पर्स, मोबाइल लूटकर फरार होने की घटना ने पुलिसिया इकबाल को चुनौती दे दी। कमिश्नरेट विस्तार के बाद इस घटना ने महकमे को हिलाकर रख दिया है। क्योंकि इधर पांच-छह वर्षों में इस तरह की घटना नहीं हुई थी।
बदमाशों की गिरफ्तारी और सरकारी पिस्टल की बरामदगी करना भी पुलिस के लिए चुनौती है। क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में सामने आया कि दरोगा का मोबाइल घटनास्थल से लगभग दो किमी दूर करीब डेढ़ घंटे तक ऑन रहा। देर रात तीन बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया। बदमाशों की तलाश में कमिश्नरेट पुलिस की पांच टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। भदोही, मिर्जापुर के अलावा जौनपुर में बदमाशों के भागने की आशंका है।
मंगलवार शाम बदमाश जगतपुर-मनियारीपुर मार्ग से होते हुए दरेखू स्थित अजय यादव के निर्माणाधीन मकान के पास पहुंचे। पहले से ताक में थे कि अजय यादव मकान पर आएंगे। मकान के सामने अजय के बाइक खड़ी करते ही तीनों बदमाश बहुत गुंडा बनते हो, यह कहते हुए एक साथ टूट पडे़। दो बदमाशों को अजय ने दबोच लिया और लेकर नहर में कूद गए। नहर में पानी नहीं है। काफी देर तक दोनों बदमाश से अजय लड़ते रहे। 
इस बीच फंसता देख तीसरे बदमाश ने अजय की कमर में खोंसी हुई पिस्टल निकाल ली और सीने पर फायर झोंक दी। एक गोली सीने के दाहिने हिस्से से पार हो गई। दूसरी गोली पीठ को छीलते हुए निकली। लहूलुहान हाल में अजय के जमीन पर गिरते ही बदमाश उनका मोबाइल, पर्स और सरकारी पिस्टल लूटते हुए दरेखू की ओर भाग निकले। 
निर्माणाधीन मकान से कुछ दूरी पर पंकज राय के मकान पर दरोगा पहुंचे लेकिन यहां किसी के नहीं दिखने पर वह पड़ोस में रहने वाले एक अन्य दरोगा के घर पहुंचे। इसके बाद दरोगा के बेटे घायल अजय को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। पड़ोसियों के अनुसार गोली चलने की आवाज सुनी जरूर लेकिन लगा कि देव दीपावली है तो बच्चे पटाखा छोड़ रहे हैं। 
पंकज राय के घर में वृद्धा के  चीखने पर अन्य लोग घरों से बाहर निकले। तब तक तीनों बदमाश फरार हो चुके थे। मकान की ढलाई होने के बाद से अजय यादव रोजाना शाम में आते थे। आशंका है कि बदमाश दो-तीन पहले से रेकी कर चुके थे। 

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