धनंजय की जमानत के मामले में फैसला सुरक्षित, अगले सप्ताह आयेगा निर्णय


जौनपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को नमामि गंगे प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण में मिली सजा के खिलाफ अपील पर सुप्रीम कोर्ट के वकील सुधीर वालिया ने दलील पेश की। कहा कि पूर्व सांसद को राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया है। उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना मकसद है। पहले दिन मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रखने का आदेश दिया। बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद अब न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत कर रही थी। बुधवार को करीब तीन घंटे तक सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुधीर वालिया, वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर अहमद, कार्तिकेय सरन और एसपी सिंह ने धनंजय सिंह का पक्ष रखा।
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव एवं अपर शासकीय अधिवक्ता जेके उपाध्याय ने अभियोजन का पक्ष रखा। इससे पहले इस मामले में ट्रायल कोर्ट का रिकाॅर्ड पेश किया गया। राज्य सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। पूर्व सांसद ने वकील ने कहा की जिन गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं वह स्वतंत्र गवाह नहीं है। सरकारी कर्मचारी हैं। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ट्रायल कोर्ट में अपना केस साबित नहीं कर सका।
उन्होंने यह भी कहा कि धनंजय सिंह का जो आपराधिक इतिहास बताया गया है, उनमें अधिकतर मुकदमे राजनीतिक द्वेष में दर्ज कराए गए हैं, क्योंकि वह विधायक और सांसद रह चुके हैं। दो दर्जन मामलों में वह बरी हो गए, चार में फाइनल रिपोर्ट लग गई और कुछ सरकार ने वापस ले लिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले के ट्रायल के दौरान वह जमानत पर थे और उन्होंने उसका दुरुपयोग नहीं किया। वह आगामी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए उनकी सजा स्थगित कर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। दूसरे दिन सुनवाई के बाद न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने पत्रावली को फैसले के लिए रख लिया है। सूत्र की माने तो फैसला अगले हफ्ते आने की संभावना है। 

Comments

Popular posts from this blog

जौनपुर और मछलीशहर (सु) लोकसभा में जानें विधान सभा वारा मतदान का क्या रहा आंकड़ा,देखे चार्ट

मतगणना स्थल पर ईवीएम मशीन को लेकर हंगामा करने वाले दो सपाई सहित 50 के खिलाफ एफआईआर

आयोग और जिला प्रशासन के मत प्रतिशत आंकड़े में फिर मिला अन्तर