कुलपतियों के उपर कुलाधिपति ने कसा शिकंजा, बगैर अनुमति के अवकाश नहीं, देना होगा पूरा हिसाब



जौनपुर। अब कुलपतियों के उपर राजभवन से कुलाधिपति ने शिकंजा कस दिया है प्रदेश के सभी कुलपतियों को अब अवकाश के दिनों में किये गए कार्यों का हिसाब किताब राजभवन को देना पड़ेगा। अवकाश अवधि में मुख्यालय से बाहर रहने के स्थान और पता का उल्लेख करना होगा। इसके लिए राज्यपाल / कुलाधिपति ने निर्देश जारी कर  दिया है।
आदेश में स्पष्ट है कि कुलपति और निदेशक राज्य विश्वविद्यालय संस्थान उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों, बैठकों, कार्यशालाओं में प्रतिभाग करने के लिए मुख्यालय से बाहर जाने की अनुमति, अन्य अवकाश स्वीकृति के लिए ऑनलाईन आवेदन करना होता है। जिसको कुलाधिपति द्वारा स्वीकृत किया जाता है। प्रायः पाया जाता है कि आवेदन पत्रों में मुख्यालय से बाहर जाने, मुख्यालय पर वापस लौटने की अवधि एवं स्थान (मुख्यालय से बाहर रहने की अवधि का पता) का उल्लेख नहीं किया जाता है।
राजकीय अवकाश अवधि में कुलपति की उपस्थिति कहां रहेगी, इसका उल्लेख नहीं किया जाता है। इसके साथ ही यह भी शिकायत मिली है कि विभिन्न राजपत्रित अवकाशों की अवधि में मुख्यालय छोड़ने से पूर्व कुलाधिपति की अनुमति प्राप्त नहीं की जाती है। बिना बताए ही अवकाश पर चले जाते हैं। लेकिन अब कुलपति को अवकाश के संबंध में कुलाधिपति से अनुमति लेनी होगी ऑनलाईन अवकाश आवेदन पत्रों में मुख्यालय से बाहर रहने की अवधि के साथ-साथ अवकाश अवधि के पूर्व एवं बाद में पड़ने वाले अवकाशों का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय, संस्थान मुख्यालय से बाहर रहने की अवधि, स्थान और पता तथा मुख्यालय छोड़ने एवं पुनः मुख्यालय वापस लौटने की तिथि और समय का उल्लेख करना होगा।

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