क्राइम ब्रांच का बनकर व्यापारियों से 60 लाख रुपए की ठगी, घटना की जांच शुरू जानें क्या है पूरा मामले


प्रदेश के झांसी-ग्वालियर के बीच तीन व्यापारियों के साथ ठगी का मामला सामने आया है। तीन व्यापारियों से करीब 60 लाख की ठगी की गई है। मिली जानकारी के मुताबित इस कांड का मास्टर माइंड व्यापम कांड में निलंबित जवान सतेन्द्र कुमार गु्र्जर निकला है। संतेन्द्र कुमार गुर्जर का रिश्तेदार जो आरपीएफ ग्वालियर में पदस्थ है। उसको नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसी के साथ देने वालें आरपीएफ के कारखास एएसआई समेत दो को संस्पेंड कर दिया गया है। वहीं इस मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर ग्वालियर की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। जिस आधार पर वह भी जांच के घेर में आ गए हैं। इस कार्यवाई को लेकर आरपीएफ विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। 
क्राइम ब्रांच के नाम पर की ठगी मिली जानकारी की के मुताबित झांसी ग्वालियर के मध्य वर्दीधारी ही ठग बन गए और व्यापारियों के साथ लाखों की ठगी की घटना को अंजाम दे डाला। इन लोगों ने डबरा स्टेशन पार करने के बाद खुद को राजस्थान क्राइम ब्रांच का बताकर झाँसी के बड़ा बाजार में रहने वाले राकेश अग्रवाल, सागर अग्रवाल व संजय कुमार गुप्ता से 60 लाख की ठगी कर डाली थी। व्यापारियों से कहा कि यह हवाला का पैसा है। यह बात सुनते ही व्यापारी घबरा गए थे। दो अलग- अलग बैगों में 30-30 लाख यानि की 60 लाख रकम लेकर आगरा में उतर फरार हो गए थे। 
सोशल मीडिया सीसीटीवी के जरिए हुआ खुलासा जिसके बाद खुद के साथ घटी घटना की जब व्यापारियों ने पड़ताल की तो पता चला कि ऐसी कोई टीम राजस्थान से नहीं गई हैं। जिसके बाद व्यापारियों ने घटना की जानकारी ग्वालियर जीआरपी पुलिस को दी गई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पूरा खुलासा हो गया था। इस मामले में सतेन्द्र कुमार गुर्जर, विवेक पाठक, अभिषेक तिवारी व आरपीएफ जवान योगेन्द्र कुमार गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एक आरोपी की तलाश की जा रही है। 
बता दें ठगी करने वाला मास्टर मांइड पिछले पांच साल से व्यापम कांड में सतेन्द्र गुर्जर निलंबित चल रहा है। आरपीएफ में तैनात योगेन्द्र सिंह गुर्जर ही सतेन्द्र का रिश्तेदार है। इस मामले की जानकारी आरपीएफ अफसरों को हुई तो योगेन्द्र की तलाश की मगर पता नहीं चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ के अफसरों को जानकारी मिली थी। आरपीएफ जवान बर्खास्त, दो निलंबित मिली जानकारी के मुताबित रेल सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त आलोक कुमार व ग्वालियर के सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। जिसके बाद कमांडेंट ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक योगेन्द्र कुमार गुर्जर को निलंबित कर नौकरी से बर्खास्त कर दिया, जबकि वहीं दीवान अनिल कुमार भदौरिया व एएसआई जलसिंह मीना को निलंबित किया गया। तीनों लोग ग्वालियर इंस्पेक्टर के कारखास है। इस मामले में गोपनीय तरीके से भी इंस्पेक्टर की जांच हो रही है।

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