आखिरकार चाचा भतीजा चुनाव से पहले एक साथ आ ही गये, जानें अब लड़ाई का क्या होगा स्वरूप


समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बीच आज गठबंधन हो गया। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल यादव से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी है। अखिलेश चाचा से मिलने उनके घर पहुंचे थे। अखिलेश ने ट्विटर पर लिखा, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाक़ात हुई और गठबंधन की बात तय हुई। क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को निरंतर मजबूत कर रही है और सपा और अन्य सहयोगियों को ऐतिहासिक जीत की ओर ले जा रही है। बता दें कि मुलायम सिंह यादव जिस परिवार को पिछले कई दशक से एक साथ लेकर चल रहे थे, वह 2017 के चुनाव के बाद दो टुकड़ों में बंट गया था। इसकी शुरूआत 2016 में ही हो गई थी। नेता जी के परिवार की यह लड़ाई इस स्तर तक पहुंच गई कि अखिलेश ने चाचा शिवपाल को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया तो चाचा ने भतीजे को ही पार्टी से ही बाहर कर दिया। थोड़े दिन के लिए यह लड़ाई थम गई लेकिन शिवपाल सिंह यादव ने अपनी अगल पार्टी बनाकर अलग राह चुन ली। शिवपाल अभी समाजवादी पार्टी के ही विधायक हैं, उनकी पार्टी ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। लेकिन हर जगह हार गई थी। इस हार में उन्हें अपना भविष्य नजर आने लगा था। उन्होंने 12 अक्टूबर से सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा शुरू की। इसका मकसद सत्ता परिवर्तन बताया गया था. इस दौरान सत्ता परिवर्तन का तो पता नहीं शिवपाल सिंह यादव का हृदय परिवर्तन जरूर हो गया। उन्होंने पहले सपा से गठबंधन की पेशकश की फिर सपा में अपनी पार्टी के विलय की बात शुरू कर दी। आखिरकार चाचा और भतीजे यूपी चुनाव से पहले साथ आ गए हैं।

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