दबंगो की मार से गरीब पहुंचा अस्पताल, लेकिन जलालपुर पुलिस मुकदमा दर्ज क्यो नहीं किया ?


जौनपुर। "एक मुहवरा है समर्थ के नाही दोश गोसाई चाहे कूद परे भरसाई", कुछ ऐसी ही स्थिति थाना जलालपुर क्षेत्र स्थित ग्राम बन्दी पुर में दबंगो द्वारा एक गरीब 70 वर्षीय बृद्ध की पिटाई को लेकर घटना सामने आयी है। गरीब अनुसूचित जन जाति का है और मारपीट से घायल होने के बाद अब जिला अस्पताल में जीवन मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। 
बता दें मारपीट की घटना के लगभग पांच दिन पहले दबंगो के परिवार के युवक से अनु सूचित जन जाति के गुल्लू नामक मुसहर का पौत्र चोटिल हो गया था तो बच्चो के बीच हाथापाई हो गयी थी। फिर समझौता हो गया। इसके बाद थाना क्षेत्र बन्दी पुर निवासी दबंग लोग जलालपुर से अपने कुछ सगे सम्बधियों को बुलाया और 15 दिसम्बर को लगभग 50 की संख्या में दिन दहाड़े अनुसूचित जन जाति के गुल्लू मुसहर के घर धावा बोल दिया मौके पर 70 वर्षीय गुल्लू मुसहर ही मिला। दबंगो ने अपनी दबंगई गुल्लू पर उतारते हुए उसे इतना मारा कि वह मरणासन्न हो गया। 
घटना के पश्चात परिजन घायल को जिला अस्पताल उपचार हेतु भर्ती कराये तत्पश्चात घटना के बाबत थानाध्यक्ष जलालपुर को तहरीर दिया। यहां खबर है कि क्षेत्रीय विधायक के दबाव में आकर गरीब घायल की तहरीर पर दूसरे दिन अभी तीन बजे दिन तक तो मुकदमा तक नहीं दर्ज किया है। सूत्र बताते है कि नेता जी के दबाव में थानेदार एनसीआर लिखने की बात कर रहे है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ सरकार गरीब पीड़ित के सहयोग मदत सुरक्षा का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ सरकार के विधायक गरीब कमजोर को मारे जाने पर मुकदमा तक नहीं लिखने दे रहे है। पुलिस भी दबाव में दबंगो को बचाने की भूमिका निभाती नजर आ रही है। हलांकि इस घटना को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी आईजीआरएस किया गया है। अब देखना है पुलिस दबाव में दबंगो को बचाती है अथवा विधिक कार्यवाई करती है या फिर घायल के साथ बड़ी घटना का इंतजार करती है ?

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