जौनपुर शहर को अब 2031 की महायोजना के तहत बसाने की तैयारी, 01 से 30 मई तक मांगे गये है सुझाव


जौनपुर । अभी तक जौनपुर महायोजना 2021 के आधार पर शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाने पर काम किया गया था। जिसके आधार पर जैसे-तैसे नियमित-अनियमित ढंग से शहर में भवन व सरकारी ढांचे खड़े किए गए। अब नए तरीके से शहर के अन्य प्रारूप को बढ़ाने के लिए जौनपुर महायोजना 2031 पर काम किया जा रहा है। इसकी मंजूरी बीते 11 जनवरी को बोर्ड की बैठक में जिलाधिकारी ने दे दिया। विनियमित क्षेत्र में शामिल 233 गांवों में भी इसके विकास का खाका खिंचा जाएगा। इसके लिए एक से 30 मई तक आपत्ति मांगी गई है। इस प्रारूप की पूरी प्रदर्शनी कलेक्ट्रेट व मास्टर प्लान कार्यालय में एक मई से लगाई जाएगी।
आबादी के साथ तेजी से बढ़ते शहर को सुनियोजित रूप देने के लिए महायोजना 2031 को अमली जामा पहनाया जा रहा है। नई महायोजना में शहर को भीड़ से बचाने और जाम से निजात दिलाने पर विशेष जोर है। इसके लिए शहर की ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करने पर काम हो रहा है। इन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता और आवागमन की सहूलियत पर ध्यान रहेगा। सरकारी कार्यालयों को भी नए इलाके में शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है, जिससे इलाके में बना यातायात का दबाव कम हो सके।
शहर को सुव्यवस्थित तरीके से बसाने के लिए वर्ष 2007 में महायोजना 2021 तैयार की गई थी। तब 2021 तक ढाई लाख की आबादी को आधार मानते हुए शहर के विकास का खाका खींचा गया था। पिछले कुछ वर्षों में शहर की आबादी तेजी से बढ़ी है। अब विनियमित क्षेत्र में 233 गांवों को जोड़ा गया है। अब आबादी साढ़े तीन लाख के करीब पहुंच गई है। पुराने शहर में जनसंख्या का दबाव तो बढ़ ही रहा है, नए इलाके भी विकसित हो रहे हैं। इनकी बसावट मनमाने ढंग से है। न तो सड़क, पानी, नाली और बिजली की सुविधाओं का ध्यान है और न ही आवागमन की सहूलियत का। ऐसे में यहां बसने वाले परेशानी से जूझ रहे हैं।
वर्तमान में कलेक्ट्रेट, कचहरी, विकास भवन, जेल, पुलिस आफिस, सदर तहसील, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड, एसबीआइ का क्षेत्रीय कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय सहित तमाम सरकारी कार्यालय मियांपुर तिराहे से आंबेडकर तिराहे के मध्य ही स्थित हैं। इसके चलते इस इलाके में हर वक्त जाम की समस्या रहती है। जिन लोगों को इन कार्यालयों में नहीं जाना होता, उन्हें भी बेवजह जाम से जूझना पड़ता है। नई महायोजना में कार्यालयों के विकेंद्रीकरण पर जोर है। कई कार्यालयों को शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि वहां का दबाव इस इलाके से कम हो।
इस सन्दर्भ में नगर मजिस्ट्रेट अनिल अग्निहोत्री ने बताया है कि महायोजना 2031 के प्रारूप के लिए बीते 11 जनवरी को बोर्ड की बैठक में जिलाधिकारी ने स्वीकृत प्रदान की है। इसकी प्रदर्शनी एक से 30 मई तक लगाई जाएगी। जिसमें आमजन की आपत्ति व सुझाव नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र को प्राप्त कराए जाने के लिए आमंत्रित की गई है। इसके साथ ही एक मई से कलेक्ट्रेट व विनियमित क्षेत्र कार्यालय में लगाई जाएगी।

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