यूपी में कांग्रेस में जानें कौन हो सकता है प्रदेश अध्यक्ष, प्रियंका गांधी बाड्रा का क्या है प्लान


उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव 2022 में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने के लिए तीन विकल्पों पर विचार कर रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इन विकल्पों पर विचार कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विचारार्थ भेज दिए हैं।
बता दें कि यूपी में विधानसभा चुनाव में हार के बाद मार्च में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद से अजय कुमार लल्लू के इस्तीफा दे दिया था। तब से पार्टी की प्रदेश इकाई की गतिविधियां ठप हैं। 
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस संगठन को प्रदेश में खड़ा करने के लिए पहला विकल्प तो यह है कि पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता की अगुआई में नई उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाए जैसा कि अतीत में होता रहा है। दूसरा विकल्प यह है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ चार या पांच कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाएं। वहीं तीसरा विकल्प यह है कि उत्तर प्रदेश को चार स्वतंत्र क्षेत्रों- पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बांटते हुए प्रत्येक के लिए अलग-अलग कमेटियां घोषित की जाएं।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इन विकल्पों पर विचार किया है। उन्होंने यह तीनों विकल्प कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विचारार्थ उन्हें भेज दिए हैं। देखना होगा कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए खुद को उत्तर प्रदेश में तैयार करने के लिए कांग्रेस हाईकमान इनमें से किस विकल्प को अपनाता है। इस बारे में अगले माह ही कोई निर्णय लिये जाने की संभावना है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के लिए वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद पीएल पुनिया, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आचार्य प्रमोद कृष्णम् और पूर्व विधायक नदीम जावेद के नाम सुझाये गए हैं

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