कक्षा में विद्यार्थियों के मन को बांधने की जरूरत तभी उसका मष्तिष्क करेगा काम: प्रो. निर्मला एस. मौर्य


ज्ञान, कौशल और मनोदृष्टि से ही गुणवत्तापरक परिणाम: प्रो. विक्रम सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्युत अभियंत्रण विभाग, अभियांत्रिक एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को आर्यभट्ट सभागार में किया गया। इसका विषय था, आउटकम बेस्ड एजुकेशन।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विक्रम सिंह ने कहा कि जो शिक्षक पढ़ाता है वह आउटकम नहीं है विद्यार्थी जो समझ कर दूसरे को बताता है वह आउटकम होता है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान, कौशल और मनोदृष्टि तीन महत्वपूर्ण घटक हैं। इसी के माध्यम से सकारात्मक और गुणवत्तापरक परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। उनका मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता में वातावरण, प्रक्रिया, शिक्षार्थी , विषयवस्तु बहुत ही सहायक हैं।
उद्घाटन सत्र में बतौर अध्यक्ष विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि शिक्षक और शिक्षार्थी को ईमानदार बनाने के लिए परिणाम आधारित शिक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो हम सीखते हैं उसे अपने जीवन और समाज में उतारें तभी शिक्षा की सही उपयोगिता दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए संस्थान, कोर्स, टीचर, विद्यार्थी, योग्य विद्यार्थी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कक्षा में विद्यार्थियों के मन को बांधने की जरूरत है तभी उसका मस्तिष्क काम करेगा और शिक्षा का आउटकम निकलेगा।
इसके पूर्व इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने कार्यशाला की रूपरेखा रखी। आइक्यूएसी के समन्वयक प्रो. मानस पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. धर्मेंद्र सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनीश भास्कर ने किया।


इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, प्रो. मुनीश वशिष्ठ, प्रो. आशुतोष दीक्षित, प्रो. वंदना राय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. रामनारायण, प्रो. एके श्रीवास्तव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ.प्रदीप कुमार, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. मनीष कुमार गुप्ता, डॉ. प्रमोद कुमार यादव, डॉ. मनीष कुमार सिंह, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ. सुरजीत यादव, डॉ. रवि प्रकाश, डॉ. नुपुर तिवारी, डॉ. सुनील कुमार, डॉ.रसिकेश, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. नीतेश जायसवाल, सहायक कुलसचिव बबिता सिंह, डॉ. मंगला प्रसाद, सत्यम उपाध्याय, जेपी लाल, जया शुक्ला, पूनम सोनकर, सौरभ कुमार, अनुराग सिंह, मनीष कुमार गुप्ता समेत सभी शिक्षक मौजूद थे।

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