यूपी स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकारा स्थानांतरण प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी,सुधारी जा रही है त्रुटियां


प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग के डाक्टरों के गलती से दो-दो जिलों में तबादला किया गया। डाक्टरों द्वारा गड़बड़ी उजागर किए जाने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बैकफुट पर आते हुए संशोधित आदेश जारी कर दिया है। अब दो जिलों में से एक जिले का स्थानांतरण आदेश रद किया गया है और इनका दूसरे जिले में तबादला किया गया है।
अभी ऐसे करीब छह डाक्टरों के स्थानांतरण आदेश में किया गया संशोधन सामने आया है। अभी और त्रुटियां ठीक की जा रही हैं। डा. अनुराग प्रसाद वर्मा का पहले देवरिया व गाजीपुर दो जिलों में स्थानांतरण किया गया था। अब देवरिया में किया गया स्थानांतरण रद करते हुए गाजीपुर भेजा गया है।
इसी तरह डा. विजय कुमार गुप्ता का महाराजगंज व बस्ती में तबादला कर दिया गया था। अब महाराजगंज का तबादला रद करते हुए बस्ती में स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया है। डा. राजेश कुमार का जौनपुर व मऊ में तबादला कर दिया गया था। अब जौनपुर का स्थानांतरण रद करते हुए मऊ में भेजा गया है।
डा. जयदेश कुमार का जालौन व हाथरस में किए गए स्थानांतरण में से जालौन का तबादला कर दिया गया है। अब यह हाथरस जाएंगे। वहीं डा. शिव नारायण आजाद का आजमगढ़ और अंबेडकर नगर में स्थानांतरण किया गया था। अब इसे संशोधित कर आजमगढ़ में किया गया स्थानांतरण रद करते हुए अब इन्हें अंबेडकर नगर भेजा गया है।
फिलहाल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव अजीज अहमद की ओर से संशोधित आदेश जारी किए गए हैं। फिलहाल अब डाक्टरों ने सवाल उठाया है कि आखिर शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी पहले अपनी गड़बड़ी को मानने को क्यों नहीं तैयार थे। आखिरकार विरोध के बाद संशोधित आदेश जारी किए गए। तबादलों में गड़बड़ी की जांच के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जुलाई को आदेश दिए थे। अभी तक जांच कमेटी की रिपोर्ट नहीं आई है।

Comments

Popular posts from this blog

राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस,सभी आरोपी दोषमुक्त

पीयू को भारत सरकार से मिला प्रशस्ति-पत्र ,कुलपति के मार्गदर्शन में मिली बड़ी उपलब्धि

अर्ह मतदाता न छूटे, सूची की शुद्धता पर विशेष जोर: एस. राजलिंगम