अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन को डिप्टी सीएम के हाथो मिला श्री काशी विभूषण सम्मान


बनारस सहित पूर्वांचल से लगायत पश्चिमी बिहार तक हायर एजुकेशन में लोहा मनवा चुके अशोका इंस्टीट्यूट के डायनमिक परसन हैं अमित मौर्य

वाराणसी। बनारस सहित पूर्वांचल और पश्चिमी बिहार तक हायर एजुकेशन में अपना लोहा मनवा चुके अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य को यूपी डिप्टी चीफ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक ने श्री काशी विभूषण सम्मान से नवाजा है। एक समाचार पत्र के 75वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में  अमित मौर्य के साथ बनारस की उन विभूतियों को भी यह अलंकरण दिया गया जिन्होंने अपने क्षेत्र में समाज को नई दिशा दी है।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में डिप्टी चीफ मिनिस्टर ब्रजेश पाठक ने अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य को श्री काशी विभूषण सम्मान दिया तो तालियों की गड़गड़ाहट से हाल काफी देर तक गूंजता रहा। उपमुख्यमंत्री ने श्री मौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दों पर सराहनीय काम कर रहा है। इस डायनमिक परसन को इंडियन अचीवर्स पोडियम नई दिल्ली की ओर से यंग एंड डायनमिक एजुकेशनिस्ट अवॉर्ड मिल चुका है। अशोका इंस्टीट्यूट को इंडो इटालियन रिसर्च सेंटर की ओर से यूपी में बेस्ट एकेडमिक इंस्टीट्यूट इन द ईस्टर्न यूपी अवॉर्ड मिल चुका है। यूपी में सफलतापूर्वक प्रोजेक्ट लांचिंग पर द पार्ले सुरभि एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अवॉर्ड, यूपी के टॉप 15 इंजीनियरिंग कॉलेज का अवॉर्ड और इंडिया के 50 मोस्ट फ्लुएंशियल एजुकेशन इंटरप्रेन्योर अवार्ड मिला है। सिंगापुर में एंडुप्रेन्योर्स अवॉर्ड और इंडिया के एजुकेशन ग्रोथ पर दुबई में अवॉर्ड के अलावा कई एनजीओ के साथ जुडक़र सामाजिक सरोकारों के लिए काम करने वाले इस शैक्षणिक संस्थान को ढेरों अवॉर्ड मिल चुके हैं।
यूपी के एकेटीयू से एफिलिएटेड और एआईसीटीई व पीसीआई नई दिल्ली से अप्रूव्ड यह कॉलेज स्टेट के टॉप टेन बेहतरीन प्रोफेशनल डिग्री देने वाले कॉलेज की लिस्ट में शुमार है। पहडिय़ा में हरा-भरा कैंपस स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन हासिल करने का एक बेहतरीन माहौल देता है। जिस सोच, परिकल्पना के आधार पर अशोका की नींव रखी गई आज वह सफलता की नई-नई इमारत गढ़ रहा है। साल 2010 में स्थापित अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट से पढ़ाई पूरी कर निकलने वाले स्टूडेंट्स प्रेजेंट में देश-विदेश में सफलता का परचम लहरा रहे हैं। बनारस सहित पूर्वांचल और पश्चिमी बिहार तक हायर एजुकेशन में अपना लोहा मनवा चुके अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एंड मैनेजमेंट पहडिय़ा का मौजूदा दौर में कोई सानी नहीं है।
परिश्रम की भट्ठी में तप कर सफलता की चोटी पर ‘अशोका’ को पहुंचाने वाले वाइस चेयरमैन अमित मौर्य का मानना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। बस उसे करने की जिद समुद्र जैसी गहरी होनी चाहिए। श्री मौर्य ने बताया कि अशोका इंस्टीट्यूट परिसर में इस साल बिजनेस स्कूल शुरू किया गया है, जहां बीबीए और बीकाम में दाखिला शुरू हो चुका है। अगले साल मास कम्यूनिकेशन कोर्स का भी संचालन किया जाएगा। ये सभी पाठ्यक्रम महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मान्यता प्राप्त होंगे। अशोका इंस्टीट्यूट का मकसद स्टूडेंट्स को सिर्फ पढ़ाई का बेहतर माहौल देना ही नहीं, बल्कि उन्हें काबिल भी बनाना है। अशोका इंस्टीट्यूट में बीटेक इन कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बीटेक इन सिविल इंजीनियरिंग, बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, बीटेक इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बी.फॉर्मा और एमबीए के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। यहां विश्वस्तरीय लाइब्रेरी और स्टूडेंट्स के लिए अव्वल दर्जे की खेल सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं।

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