कर्ज के बोझ तले दबे मैनेजर ने खुद को मारी गोली और किया जीवन का अन्त


जौनपुर । हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ विनोद कुमार कनौजिया का मैनेजर धर्मराज कनौजिया आज सोमवार को दिन में 11 बजे के आसपास थाना लाइन बाजार क्षेत्र स्थित अपने शहरी आवास पर खुद की लाईसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्म हत्या कर लिया। धर्मराज मूल रूप से मड़ियाहूं थाना क्षेत्र मोकलपुर गांव के निवासी थे, वह आशीर्वाद अस्पताल के बगल में किराये के मकान में रहते थे।धर्मराज के इस कदम से हर कोई आश्चर्य चकित है। 
मिली खबर के अनुसार 38 वर्षीय धर्मराज कनौजिया पॉलिटेक्निक चौराहा के पास स्थित आशीर्वाद अस्पताल में बतौर मैनेजर कार्यरत रहे। इसके साथ ही डाक्टर के गांव में संचालित कालेज में भी प्रबन्धन का काम देखते थे। अपने तीन भाईयों में सबसे छोटे धर्मराज खासे मिलनसार व्यक्ति रहे है। आज सोमवार को अपने आवास पर कमरे का दरवाजा अन्दर से बन्द कर लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली खुद मारकर कर आत्महत्या कर लिया।
मृतक धर्मराज कनौजिया के सन्दर्भ में जो बात छनकर सामने आ रही है उसके अनुसार वह तत्काल अमीर बनने की ख्वाहिश लिये हुए जूआ खेलने का भी आदी रहा है। इसी के चक्कर में धर्मराज ने कई लोंगो से पैसा कर्ज स्वरूप ले रखा था। कर्ज में इस कदर डूब गया था कि धनराशि वापस कर पाने की स्थित में नहीं था जिससे तनाव में चल रहा था। क्योंकि जिससे पैसा कर्ज लिया था वह अपने पैसे की मांग कर रहे थे। खुद को कर्ज की राशि वापस कर पने की स्थित में न पाकर अपनी ही जीवन लीला खत्म करने का निर्णय ले लिया और अपने कमरे का दरवाजा बंद कर घटना को अंजाम दे दिया। 
काफी देर तक कमरे का दरवाजा बन्द देख परिजन आवाज दिये कोई आवाज नहीं आयी। फिर खिड़की से अन्दर का नजारा देख परिजनो के होश उड़ गये वह खून से लतफत गिरा पड़ा था। चीख पुकार शुरू हो गयी। आसपास के पड़ोसी पहुंच गये घटना की खबर पुलिस और धर्मराज के सेवायोजक चिकित्सक डा विनोद कुमार को दी गयी।पुलिस और डाक्टर के पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर लाश बाहर किया गया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाई करते हुए पोस्टमार्टम हेतु भेजवा दिया।
घटना की खबर मिलने पर भाजपा के पूर्व विधायक दिनेश चौधरी सहित आशीर्वाद अस्पताल के तमाम कर्मचारीगण भी पहुंचे थे। परिजनो की माने तो मृतक धर्मराज कई दिन से गुमसुम और तनाव में चल रहा था। 

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