सप के संस्थापक सदस्य पूर्व मंत्री स्व पारस नाथ यादव के प्रति शोक संवेदना का लगा तांता



जौनपुर। जनपद में समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य तथा पार्टी के कद्दावर नेताओं में सुमार एवं पूर्व मंत्री पारस नाथ यादव के निधन के पश्चात जनपद ही नहीं पूर्वांचल के राजनैतिक से लगायत सामाजिक गलियारों में शोक संवेदनाओं का लगा तांता उनके लोकप्रियता एवं कद का  स्पष्ट संकेत करता है। राजनैतिक दलों के लोग दलीय भावनाओ से अलग हटकर स्व. पारस नाथ जी को अपनी शोक संवेदना व्यक्त करने उनके आवास पर पहुंच रहे है और उनके पुत्रों को इस दुःख की घड़ी में ढांढस बधा रहे है। 
आज जौनपुर सहित पूर्वांचल के जनपदों वाराणसी,  आजमगढ़  मिर्जापुर, भदोही,  सूल्तानपुर,  चन्दौली,  गाजीपुर, प्रयागराज, मऊ , सोनभद्र आदि जनपदों से सपा बसपा कांग्रेस भाजपा की राजनीति करने वाले राजनैतिक सांसद विधायक एवं सपा के कार्यकर्ता स्व. पारस नाथ के क्रिया क्रम स्थल स्थित उनके कोल्ड स्टोरेज पर पहुंच कर अपना अपना श्रद्धासुमन अर्पित किया है। इस अवसर पर उनके पुत्र द्वय लकी यादव एवं ओम यादव मौजूद रहे। 
श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले नेताओं ने कहा कि स्व. पारस नाथ जी अपने राजनैतिक जीवन में दलीय भावनाओ से अलग हटकर कर सभी राजनैतिको का सम्मान करते थे। साथ ही शासन प्रशासन में उनकी हनक जनता के लिए बेहद विकास कारी साबित होती रही है। लगभग सभी नेताओं का मानना रहा कि स्व. पारस नाथ जी जैसा अब जनपद जौनपुर में कोई नेता नहीं है।
 
 इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी कार्यालय पर स्व. पारसनाथ यादव के श्रद्धांजलि अर्पित किया गया  जिलाअध्यक्ष लालबहादुर यादव ने कहा की स्व पारसनाथ यादव के निधन पर समाजवादी पार्टी को अपूर्णीय क्षति हुईं है। आज हम लोगों को उनके सघर्ष को स्मरण करने की जरुरत है और अपने जीवन में उतारने की जरुरत है वहीं जिलपंचायत अध्यक्ष राजबाहादुर यादव के बडे भाई बासदेव यादव के निधन पर भी श्रद्धांजलि दिया गया। 
शोक सभा में पूर्व एम एल सी  लल्लन प्रसाद यादव ने कहा कि पारसनाथ यादव ऐसे नेता थे कि 1985 से लगातार कुछ बर्षों के छोड़ संवैधानिक पदों पर अनवरत रहे उनकी कमी समाजवादी पार्टी को हमेशा खलेगी। पूर्व विधायक अफजाल अहमद ने कहा कि स्व पारसनाथ यादव से जब मेरी पहली मुलाकात  1985 मे हुईं तभी उनके तेवर देख हमको लगा था की ये नेता देश में अपनी पहचान बनायेगा। आज उनकी निधन पर जौनपुर मे नहीं पूरे प्रदेश मे शोक की लहर है जो राजनीतिक इतिहास से उन्होंने ने रचा है वे यादगार है श्रद्धांजलि अर्पित करने में मुख्य रूप से हिसामुद्दीन शाह ,श्याम बहादुर पाल,अनवारुल हक,राहुल त्रिपाठी, श्रवण जयसवाल, रुक्सार अहमद, निजामुद्दीन, आर बी यादव,आरिफ हबीब, गजराज यादव,सै आरिफ, लाल मोहम्मद रायनी, रिजवान हैदर संजीव यादव, रामेश्वर निषाद, आसिफ, प्रिन्शू यादव,

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