कुलपति के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग किया संघर्ष मोर्चा ने



 पुर्वांचल विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव के कार्यकाल में विगत 3 वर्षों में हुए सभी वित्तीय लेनदेन, निर्माण कार्य, टेंडर, नियुक्तियों की न्याययिक जांच या उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग को लेकर संघर्ष मोर्चा के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल अपर जिलाधिकारी जौनपुर से मुलाकात कर माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। 

उक्त ज्ञापन के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदया को यह अवगत कराया गया है कि कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव राजभवन व सरकार द्वारा अधिरोपित कर्तव्यों एवं दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नही कर रहे है कुलपति राजाराम यादव के कार्यकाल के दौरान विश्विद्यालय के विकास कार्य शिक्षक व कर्मचारी की नियुक्ति, वित्तीय लेनदेन तथा निर्माण कार्य मे भारी अनियमितता हुई है जिसकी जांच कराकर कार्यवाही किया जाना नितान्त आवश्यक है। 

 ज्ञापन देते हुए नेता द्वय विकास तिवारी व अतुल सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि पुर्वांचल विश्विद्यालय में विगत कई वर्षों से भारी भ्रस्टाचार व अनियमितता हो रही है जिसका शासन सरकार व जनप्रतिनिधियो द्वारा अनदेखी किया जा रहा है। कुलपति पुर्वांचल विश्विद्यालय के कथनानुसार प्रभु राम को 12 वर्ष का बनबास हुआ था ऐसा इलेट्रॉनिक मीडिया को बताते है जबकि बच्चा बच्चा जानता है कि प्रभु श्री राम को 14 वर्षीय बनबास हुआ था। कुलपति गाजीपुर जनपद में आयोजित एक छात्र संगोष्ठी में छात्रों को सम्बोधित करते हुए मर्डर का गुरुज्ञान देते है। जिसपर महामहिम राज्यपाल द्वारा कुलपति को भविष्य में भाषण देते वक्त पूर्ण सजगता व संयम बरतने की हिदायत भी दी गयी थी। पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर 27 जुलाई 2018 को राजभवन लखनऊ से विश्विद्यालय को पत्र जारी कर पूछा जाता है कि जब विश्विद्यालय में पीएचडी अध्यादेश की स्वीकृति माननीय कुलाधिपति द्वारा प्रदान नही की गई है फिर भी विश्विद्यालय में पीएचडी किस आधार पर प्रवेश लिए गए इसे सचिवालय को अवगत कराएं? दिनांक 5 जून 2020 को विश्विद्यालय में नियम विरुद्ध होकर शिक्षको की नियुक्ति की गई जब इस नियमितता का संघर्ष मोर्चा ने विरोध किया तब दिनांक 12 जून 2020 को पुनः शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दिया गया। शिक्षक नियुक्ति का विज्ञापन विश्विद्यालय द्वारा एक विज्ञापन होता है जबकि विज्ञापन अलग अलग संकाय वार निकाला गया। संगम शिक्षक आवासीय परिसर का बगैर उद्घाटन हुए व माननीय उप मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उनके नाम का शिलापट्ट लगा दिया गया जो कि नियम विरुद्ध है विश्विद्यालय मुखिया ने अपनी कमियां छिपाने के लिए ऐसा किया है।

        उन्होंने कहा कि कुलपति द्वारा विश्विद्यालय भविष्य निधि हेतु जमा सावधि राशि को तोड़कर अपने लोगो के व्यतिगत आर्थिक लाभ के लिए बेहिसाब खर्च किया जा रहा है।

          संघर्ष मोर्चा के नेता दिव्यप्रकाश सिंह ने कहा कि एक ऐसे समय मे पूरा देश कोरोना रूपी महामारी से संघर्ष कर रहा है जनपद में कोरोना मरीजो के लिए अस्पताल की जरूरत है, लोग अपना निजी मकान व होटल सरकार के सहायतार्थ देने हेतु तैयार है वही ऐसे समय मे कुलपति द्वारा विश्विद्यालय के खाली परिसर में L1 अस्पताल का पुरजोर विरोध किया जाना उनकी कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है।

ज्ञापन देते समय संजय सोनकर गोपाल, रुद्रेश त्रिपाठी रुद्र, रिसभ सिंह, सोंनु यादव, अमन, अभिषेक यादव, निर्भय सिंह, चंद्रशेखर निषाद उपस्थित रहे।


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