यूपी कालेज में 20 साल बाद में खुला प्रवेश का फर्जीवाड़ा, जांच शुरू छात्र को नोटिस जारी

 

वाराणसी के उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज में 20 साल बाद प्रवेश में फर्जीवाड़े का मामला सामना आया है। छात्र ने बिहार का मूल निवासी होने के बाद यूपी के कोटे से 2001 में स्नातक कृषि में प्रवेश लिया था। छात्र वर्तमान में बिहार में कृषि समन्वयक के पद पर तैनात है।
प्राचार्य डॉ. एसके सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। छात्र से एक सप्ताह के अंदर जवाब तलब किया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिहार सरकार ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है।
छात्र ने हाईस्कूल की परीक्षा बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण की थी। उस पर छात्र का बिहार का पता दर्ज था। महाविद्यालय में प्रवेश के समय छात्र ने महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य का स्थायी पता अंकित कर दिया। प्रवेश के समय प्रवेश सेल ने इस अनियमितता पर ध्यान नहीं दिया।
2013 में निवर्तमान प्राचार्य डॉ. गुलाबचंद सिंह ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आरोपी छात्र को नोटिस जारी किया था। इस मामले में अनियमितता की शिकायत आरटीआई एक्टिविस्ट सुधांशु कुमार सिंह ने प्राचार्य से की।

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