लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर पूरे दिन चला धरना प्रदर्शन विपक्षी दलो सहित अधिवक्ता भी रहा आन्दोलन की राह पर



जौनपुर। प्रदेश सरकार द्वारा लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी नेताओ को लखीमपुर खीरी जानें से रोकने और उन्हे घरो पर तथा बाहर पुलिस हिरासत में लेने सभी विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर आ गये जिसके कारण पूरे दिन पुलिस हांफती नजर आयी है। जनपद के सभी तहसीलों से लगायत जनपद मुख्यालय पर सरकार विरोधी नारे विपक्षी दलो द्वारा गूँजते रहे है। कुछ दल नेताओ की गिरफ्तारी करायी गयी तो कुछ दल के लोग प्रदर्शन करने साथ राज्यपाल के नाम ज्ञापन पत्र देकर अपने प्रदर्शन को पूरा कर लिया। 
इस क्रम में मुख्य विपक्ष दल सपा के जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर सपा के जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार बौखला गयीं है सरकार किसानों के ऊपर गाड़ियां चढ़वा रही है तथा अपने नेताओं को बचाने का काम कर रही है इतनी संख्या में लखीमपुर खीरी के किसानो की हत्या कराया गया है।सरकार किसानों न्याय देने के बजाय उनके उपमुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा कहा जाता हैं की मरने वाले किसान नहीं अपराधी थे। कितने शर्म की बात है। किसानों का दर्द बाँटने जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हाउस अरेस्ट करने की कोशिश किया गया ।अखिलेश यादव जब लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने धरने पर बैठे तो उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया। यह ऐसी सरकार है कि विपक्ष की आवाज दबाने पर तुली हुई है। 
घन्टों मश्क्कत के बाद पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाईन ले गई धरने में मुख्य रूप से विधायक लकी यादव, राजबहादुर यादव, जगदीश नरायन राय,डां अवधनाथ पाल,डां जितेन्द्र यादव,हिसामुद्दीन शाह,प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी, शकील अहमद श्याम बहादुर पाल,श्रवण जयसवाल, पूनम मौर्या,आमिक जामैई अनवारुल हक,रूकसार अहमद, दीपक गोस्वामी, आर बी यादव, मनोज मौर्य, बाबा यादव, शिवजीत यादव, भानु प्रताप मौर्या, डां शरफराज,विकास यादव,साजिद अलीम शेखु खाँ मालती निषाद,उषा यादव सोनी यादव,अमित यादव, विवेक रंजन यादव बबलू, प्रदीप यादव,अनील दूबे रमेश साहनी,अनील फौजी, राजा समाजवादी,पंकज यादव, बच्चा यादव,मंयाकान्त यादव, बच्चुलाल यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने और उनके साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार करने पर कांग्रेस जन भी सड़क पर आ गये थे जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस जन सड़क पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने प्रदेश के अन्दर किसानों के साथ घटित घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार के बर्खास्तगी की मांग किया। यह भी कहा कि किसानो की हत्या के लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस जनों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपने के बाद वापस लौट गये। इस अवसर पर मुफ़्ती मेहंदी,शशांक राय,तिलकधारी निषाद,राकेश उपाध्याय,डॉ आर सी पांडे,देवानंद मिश्रा, राकेश सिंह डब्बू,आरिफ सलमानी, तौक़ीर खान,नीरज राय,ज्ञानेश सिंह,आज़म जैदी,नेसार इलाही,अमन सिन्हा, अभिमन्युतिवारी, अजय कुमार सोनकर, अतीक, शिव मिश्र,राजकुमार मौर्य, विशाल सेठ,मोहमद ,अंकित,अशरफ,शैलेंद्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुलिस द्वारा हाऊस अरेस्ट किये जाने के विरोध में पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री संगीता यादव के नेतृत्व में प्रसपा के कार्यकर्ताओ द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर संगीता यादव ने कहा हमारे नेता शिवपाल यादव जी किसानो का दर्द बांटने जा रहे थे कि उन्हे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रदेश की सरकार अब विपक्ष की आवाज को गुन्डई के साथ दबाने में जुट गयी है। 
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में  कलेक्ट्रेट के अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में विरोध स्वरूप पूरे दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों ने मामले की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्यायिक जांच की मांग उठाई।
इसके पहले कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति के महामंत्री आनंद कुमार मिश्र की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने बार सभागार में कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक करके घटना की कड़ी निंदा की।  इस मौके पर उपस्थित अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए महामंत्री आनंद मिश्र ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना बेहद ही निंदनीय और इसे लोकतंत्र की सीधे तौर पर हत्या बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना लोकतंत्र में नहीं होना चाहिए।
घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बार परिसर में प्रदेश सरकार की व्यवस्था के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आपत्ति जताई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग किया।
बैठक में मृतक किसानों व अन्य के प्रति 2 मिनट का मौन रखकर शोक संवेदना व्यक्त किया गया। इस मौके पर उपस्थित पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, जगत नारायण तिवारी, कपिल देव सिंह, पलटू राम, रामाश्रय यादव, जमीदार सिंह, बृजेश यादव, सूबेदार यादव, रामचंद्र पाठक, हर्ष कुमार पांडेय, कन्हैया लाल श्रीवास्तव,ओम प्रकाश मिश्र, संजय निषाद, बीएल नागर सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। संचालन महामंत्री आनंद कुमार मिश्र ने किया।

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