स्वास्थ्य विभाग में चल रहे सरकारी एम्बुलेंस के संचालन में जाने क्या चल रहा खेल


जौनपुर। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में संचालित सरकारी एम्बुलेंस के जरिये मरीजों को ढोने के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है।लेकिन विभाग बेखबर बना हुआ है। दो-दो रजिस्टर रखकर फर्जी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह आरोप पिछले वर्ष टर्मिनेट किए गए संगठन के लोगों ने लगाया है।
जीवनदायिनी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष विजय सिंह का कहना है कि प्रतिदिन 108 से 15 से 20 केस व 102 से 30 केस देने का दबाव बनाया जाता था। क्योंकि कम्पनी प्रति केस पर सरकार से भुगतान कराती है। कम्पनी दो-दो रजिस्टर रखती है और गलत तरीके से भुगतान लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चालकों पर दो सौ किमी वाहन चलाने का भी दबाव बनाया जाता है। इसका विरोध करने पर जुलाई 2021 को पूरे प्रदेश में नौ हजार के आसपास एम्बुलेंस चालकों को टर्मिनेट कर दिया गया। इसमें जौनपुर जिले के 236 चालकों को भी टर्मिनेट कर दिया गया था। टर्मिनेट किए गए चालक राजेंद्र का आरोप है कि कम्पनी प्रतिदिन 25 से 30 केस की डिमांड की जाती थी। मरीज न मिलने पर फर्जी रिपोर्ट का दबा बनाया जाता था।
इस संबंध में एम्बुलेंस कम्पनी के प्रोग्राम मैनेजर रोहित कुमार का कहना है कि अब टारगेट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। जिन लोगों को टर्मिनेट कर दिया गया है वहीं लोग कम्पनी पर गलत आरोप लगा रहे हैं।
एम्बुलेंस के नोडल अधिकारी डा राजीव यादव कहते है जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी व पीएचसी से हर महीने कितने मरीज को लाया व ले जाया गया उसकी रिपोर्ट वहां के अधीक्षक से हस्ताक्षर करवाकर मंगवाया जाता है। वहीं रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। दो रजिस्टर रखने की बात गलत है।

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