तापमान का पारा पहुंचा 4.6 गलन और ठंड से कांप उठा पूर्वांचल,जानें मौसम का हाल


जौनपुर। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से जौनपुर सहित पूर्वांचल में आसपास के जिलों में  ठंड के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं। ठंड इतनी अधिक है कि रात की बात तो दूर दिन में ही कंपकंपी लगने लगी है। सूरज ने भी मुंह मोड़ लिया है। इस सीजन में सबसे ज्यादा ठंडा दिन गुरुवार रहा। आईएमडी लोकल वेदर के मुताबिक, न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। वहीं अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम रहने की संभावना है। इसके लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। ठंड के प्रकोप से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। अब लोग देवालयों में देव विग्रहों को भी ठंड से बचाने के इंतजाम करने लगे हैं। खबर है कि वाराणसी में ठंड ज्यादा बढ़ी तो काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चकों ने बाबा विश्वनाथ को भी रजाई ओढ़ा दी।
पूर्वांचल में पांच दिन से धूप भी नहीं निकल रही है कि ठंड से थोड़ी राहत मिले। गुरुवार सुबह के समय मध्यम से घने स्तर का कोहरा छाया रहा। दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंटने लगा और रोशनी में इजाफा हुआ। हालांकि, धूप के दर्शन नहीं हुए। अन्य दिनों की तुलना में दिन में गलन अधिक है। स्वेटर, जैकेट, टोपी और हाथ में दस्ताना पहनकर निकले लोग भी गलन अधिक होने से कांपते नजर आए।  
पिछले एक सप्ताह से मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में धूप तो नहीं हो रही है, लेकिन मंगलवार से आसमान में बादल भी दिख रहे हैं। बुधवार को सुबह से ही 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलती रही।मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का मानना है कि उत्तर पश्चिमी हवाओं की वजह से ही मौसम में बदलाव हुआ है। तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने के आसार हैं। ऐसे में अलर्ट रहने की जरूरत है। लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। 

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