अजीत सिंह हत्याकाण्ड में चला कानूनी दांव पेंच का खेल, सीजेएम कोर्ट में पड़ी अर्जी


जौनपुर। कानून, पुलिस और पूर्व सांसद धनन्जय सिंह के बीच चल रहे दांव पेंच के खेल में अब एक नया मोढ़ आया है पूर्व सांसद के ने बजरिए अधिवक्ता एक अर्जी सीजेएम कोर्ट में लगाया है। जिस पर ने लखनऊ के बहुचर्चित अजीत सिंह हत्याकांड मामले में वांछित अभियुक्त और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की अर्जी पर थाना विभूतिखंड से रिपोर्ट तलब करने का आदेश दिया है। अर्जी में इस मामले की विस्तृत आख्या तलब करने की मांग की गई है।
साथ ही उस आख्या के आधार पर समुचित आदेश पारित करने की भी मांग की गई है, ताकि इस मामले में पूर्व सांसद की भूमिका स्पष्ट हो सके और जीवन-स्वतंत्रता की रक्षा हो सके। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
गुरुवार को दाखिल इस अर्जी पर धनंजय के वकील प्रांशु अग्रवाल और आदेश सिंह ने बहस की। उनका कहना था कि इस मामले में 20 फरवरी, 2021 को अभियुक्त के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हुआ था। बाद में कुर्की की कार्यवाही से पहले की नोटिस भी जारी हुई थी।
पांच मार्च, 2021 को धनंजय ने इस मामले में अपना नाम आने के बाद प्रयागराज के एमपीएमएलए की विशेष अदालत में एक दूसरे मामले में आत्मसमर्पण कर दिया था। विशेष अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। 31 मार्च को वह जमानत पर रिहा हो गए। इसके बावजूद राजधानी पुलिस ने इस मामले में वारंट बी हासिल नहीं किया।
इस दौरान पुलिस ने अभियुक्त का बयान लेना भी मुनासिब नहीं समझा। अर्जी में कहा गया है कि अब तक कि विवेचना में अभियुक्त का कोई अपराध नहीं पाया गया है। फिर भी पुलिस परेशान कर रही है और गिरफ्तार करना चाहती है। पुलिस ने अजीत सिंह की हत्या में विवेचना के दौरान धनंजय सिंह का नाम प्रकाश में लाया है।

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