अनपरा में कोयला का संकट, सीएम के हस्तक्षेप के बाद भी सुधार नहीं,जानें कब होगा बिजली का संकट


सोनभद्र जिले की अनपरा परियोजना में कोयला संकट और गहराने लगा है। लगातार जरूरत से कम कोयले की आपूर्ति होने से परियोजना में कोयले का स्टॉक दो दिन से भी कम का शेष रह गया है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद भी कोयले की आपूर्ति में सुधार न होने से प्रबंधन के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण अनपरा परियोजना को एनसीएल ने रेल रैक से कोयले की आपूर्ति रोक दी है। परियोजना में अभी सिर्फ एमजीआर से ही आपूर्ति हो पा रही है। इससे कोयले के स्टॉक पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने अनपरा ए से 180 और बी परियोजना से 70 मेगावाट लोड कम किया जा चुका है।
इसके बाद भी स्टॉक में गिरावट का क्रम जारी है। सोमवार सुबह तक परियोजना में कोयले का स्टॉक 76652 मीट्रिक टन था। जबकि सामान्य स्थिति में परियोजना में एक दिन की कोयले की खपत 40 हजार मीट्रिक टन है। यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो प्रबंधन को अनपरा डी से लोड कम करने या इकाई को बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। लोड कम करने से परियोजना को प्रतिदिन छह मिलियन यूनिट बिजली का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अनपरा परियोजना में कोयले की स्थिति
अनपरा ए    16534 एमटी
अनपरा बी    26957 एमटी
अनपरा डी    33161 एमटी
अनपरा सी लैंको    53000 एमटी

लैंको की दूसरी इकाई बंद, संकट बढ़ा
तकनीकी खराबी के कारण सोमवार की भोर में लैंको परियोजना की दूसरी इकाई से विद्युत उत्पादन ठप हो गया। लैंको के यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण भोर में 4:30 बजे 600 मेगावाट की दूसरी इकाई को शट डाउन लेना पड़ा। निर्धारित समय सीमा के भीतर इकाई को लोड पर लाने की कवायद की जा रही है।

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