पुलिस की हिरासत में मृत कृष्णा यादव मामले में आरोपित पुलिस जनों की गिरफ्तारी हेतु 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित


जौनपुर। जनपद के थाना बक्शा पुलिस की अभिरक्षा में हुई कृष्णा यादव उर्फ पुजारी के मामले में घटना के विवेचना की खुद निगरानी कर रही हाईकोर्ट के कड़े रूख को देखते हुए अब सीबीआई टीम ने आरोपित पुलिस कर्मियों के उपर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए अखबार में सभी की फोटो छापते हुए ऐलान किया है कि अभियुक्तो की सूचना देने वालों को उक्त घोषित इनाम दिया जायेगा। अगली सुनवाई की तिथि 29 नवम्बर मुक़र्रर की गयी है। 
 यहां बता दें कि मृतक कृष्णा यादव के मामले की पैरबी कर रहे अधिवक्ता गजेंद्र सिंह यादव के मुताबिक हाईकोर्ट में 10 नवंबर को इस मामले को लेकर सुनवाई हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सीबीआई की कार्यवाई पर असन्तोष व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई थी और अगली पेशी तक कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। कोर्ट में पेशी के दौरान सीबीआई की ओर से तर्क दिया गया था कि आरोपियों के पते पर छापेमारी की जा रही है। उनके सीडीआर आदि से लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
अब सीबीआई ने अभियुक्त पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी को लेकर तत्कालीन थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, तत्कालीन आरक्षी कमल बिहारी बिंद, राजकुमार वर्मा, जितेंद्र सिंह, तत्कालीन एसओजी पर्व कुमार सिंह, एसओजी के तत्कालीन आरक्षी श्रेत प्रकाश, एसओजी के तत्कालीन मुख्य आरक्षी शील तिवारी, अंगद चौधरी और राजन सिंह की तस्वीर के साथ समाचार पत्र में विज्ञापन जारी किया और इनाम  घोषित करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरु करने का दावा किया है। जानकारी देने वाले को 25 हजार रुपये का इनाम देने की बात कही है। 
सीबीआई अधिकारी कहते है कि हत्या आरोपित पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी का भरसक प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाएं। आरोपियों की संपत्ति की कुर्की के लिए नोटिस व अन्य कानूनी प्रावधानों का अनुपालन शीघ्रता से किया जाए। अगली सुनवाई के लिए 29 नवंबर 2021 तिथि नियत की गई है। 
विदित हो कि विगत माह 11 फरवरी 2021 को बक्शा थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी कृष्णा यादव उर्फ पुजारी को तत्कालीन एसओजी टीम व एसओ बक्शा और उनके हमराहियों ने घर से जबरिया उठाया और थाने ले गए थे। आरोप है कि वहां उसको पुलिस जनों ने इतना अधिक मारापीटा कि उसकी हालत बिगड़ी और पुलिस अभिरक्षा में ही उसकी मौत हो गयी। परिवार वालों को भी उससे मिलने नहीं दिया गया। सुबह घरवालों को पता चला कि उसकी हिरासत में मौत हो गई। भारी बवाल के बाद इस मामले में अगले दिन कृष्ण कुमार के भाई अजय कुमार यादव ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। 
खबर यह भी है कि इस हत्याकांड के मामले को दबाने का पूरा जतन घटना के विवेचक पर सरकारी दबाव बना कर, किया जा चुका था इसी बीच मृतक के भाई अजय कुमार यादव की याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दिया और खुद घटना के विवेचना और कार्यवाई आदि की मानीटरिंग कर रही है इसके बाद भी अभी तक हत्यारोपित पुलिस कर्मी लापता है सीबीआई के हत्थे नहीं आ रहे है ऐसा पुलिस का कथन है। मृतक के भाई अजय यादव कहते है अब हाईकोर्ट खुद निगरानी कर रही है तो विश्वास है कि उसके मृतक भाई की घटना में न्याय हो सकेगा।


 

 

 

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