भाजपा काडर वाले नेताओ को लेकर लिया यह निर्णय, जानें किसे लड़ायेगी चुनाव



भाजपा विधान परिषद चुनाव की स्थानीय निकाय क्षेत्र सदस्य चुनाव में अपने काडर को मौका देगी। वहीं, करीब दस सीटों पर सपा सहित अन्य दलों से आए नेताओं को उतारने की तैयारी है। पार्टी होली के बाद परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची घोषित करेगी।
विधान परिषद में स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 सीटों पर चुनाव के लिए 15 से 22 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 9 अप्रैल को मतदान होगा। 2016 में हुए चुनाव में 36 में से 33 सीटों पर सपा के उम्मीदवार जीते थे और तीन निर्दलियों के खाते में गए थे। भाजपा ने इस बार करीब छह महीने पहले से परिषद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। सपा के सात सदस्यों को भाजपा में शामिल कराया गया है।
पार्टी ने विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ही परिषद चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के बीच एक दौर की बैठक हो गई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने करीब 20 से अधिक सीटों पर ऐसे कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाने की तैयारी की है जिन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। हालांकि विधानसभा चुनाव हारे कुछ मंत्री और विधायक भी परिषद चुनाव लड़ने की दावेदारी कर रहे हैं। 
परिषद में भी भाजपा को मिल सकता है बहुमत
विधानसभा परिषद में स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 सीटों पर चुनाव के बाद अप्रैल में भाजपा को विधान परिषद में भी बहुमत मिलने की उम्मीद है। परिषद में अभी भाजपा के 36 सदस्य हैं, पार्टी को बहुमत के लिए 15 सदस्यों की जरूरत है। पहले के अनुभवों के आधार पर स्थानीय निकाय क्षेत्र सदस्य के चुनाव में सत्ताधारी दल का प्रभुत्व रहता है।
प्रदेश में नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत में भाजपा का कब्जा है। स्थानीय निकाय क्षेत्र सदस्य चुनाव में नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित सदस्य ही मतदान करते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अप्रैल में भाजपा को विधानसभा के साथ विधान परिषद में भी बहुमत मिल जाएगा। 18वीं विधानसभा के पहले बजट सत्र में सत्ताधारी दल के पास दोनों सदनों में बहुमत होगा।
विधान परिषद की दो सीटों पर उप चुनाव भी होंगे। परिषद में भाजपा के सदस्य जयवीर सिंह विधानसभा चुनाव जीत गए हैं जबकि नेता विरोधी दल अहमद हसन का निधन हो गया है। जयवीर सिंह और अहमद हसन की खाली सीटों पर उप चुनाव कराया जाएगा।

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