पूर्व असोसीएट प्रोफेसर डा. हरि शंकर तिवारी का हृदयाघात से हुआ निधन, शुभचिंतक शोकाकुल

 

जौनपुर। डा. हरि शंकर तिवारी पूर्व असोसीएट प्रोफ़ेसर एवं अध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग जी.बी. पंत महाविद्यालय प्रतापगंज जौनपुर का आज लगभग 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी तबीयत रात में ख़राब हुई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया परंतु तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। 
डा. तिवारी सहज, सहिष्णु एवं सहयोगी स्वभाव के व्यक्ति थे। उनका का पूरा जीवन मनोविज्ञान के पठन - पाठन एवं छात्रों के कल्याण के प्रति समर्पित रहा। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर हुई और स्नातक की पढ़ाई तिलक धारी कॉलेज जौनपुर से 1970 में किया। इसके पश्चात उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा तथा शोध उपाधि प्राप्त किया। 
डा. तिवारी प्रारंभ से ही सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यों में संलग्न रहे। वे अनेक संस्थाओं से जुड़े रहे । वे कांग्रेस के बहुत ही निष्ठावान कार्यकर्ता थे। वे अपनी सरलता के लिए पूरे जनपद में जाने जाते थे। आज उनका हर परिचित एवं प्रशंसक उदास है।
डा. तिवारी के असामयिक निधन से उनके तमाम मित्र, सहयोगी, छात्र एवं प्रशंसक अत्यंत शोकाकुल है। प्रो. आर. एन. सिंह, डा. नागेश्वर सिंह, डा. जय प्रकाश सिंह, डा. विवेक पांडेय एवं अन्य अनेक लोगों ने दिवंगत आत्मा के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया है।

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