विकास खण्ड कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर डीएम ने जानें क्या दिया निर्देश


जौनपुर। प्रदेश सरकार की योजनाओ के क्रियान्वयन और विकास का सच जानने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा चलाये जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत आज श्री वर्मा ने विकास खण्ड बक्शा के खण्ड विकास कार्यालय सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया गया। 
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली और पूछा कि किस बीमारी के मरीज अधिक आ रहे है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक सीएचसी एवं पीएचसी के ओपीडी की रिपोर्ट प्रतिदिन दे। लेबर रूम निरीक्षण में सरिता देवी की डिलीवरी के उपरांत 48 घंटे नहीं रुकने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्टाफ नर्स को निर्देशित किया कि 48 घंटा रुकना सुनिश्चित किया जाए। स्टाफ नर्स द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन दो से तीन डिलीवरी की जाती है। डॉ0 अनुराग द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि कुछ कर्मचारियों का अन्य जगह स्थानांतरण हो गया है, लेकिन उन्होंने आवास खाली नहीं किया है, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा की तत्काल उन्हें हटाने की कार्यवाही की जाए। 
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सा के निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया है कि मुख्य मार्ग से लेकर सीएचसी तक सफाई का विशेष अभियान चलाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि जितनी भी एंबुलेंस निष्प्रयोज्य हो चुकी है, उन्हें सीएचसी से हटाकर नीलाम करने की कार्यवाही की जाए। 
चिकित्सा अधीक्षक जी0के0 सिंह के द्वारा बताया गया कि कुल 100 मरीज देखे जा चुके हैं और इस समय सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज ज्यादातर आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि टेलीमेडिसिन का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए जिससे लोग घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें और उन्हें जिला अस्पताल या अन्य जगह न जाना पड़े। 
जिलाधिकारी ने लैब टेक्नीशियन के द्वारा की जा रही जांच के संबंध में जानकारी प्राप्त की और कहा कि टीवी के सैंपल अधिक से अधिक लिए जाए। जिलाधिकारी के द्वारा आए हुए मरीजों से बात की और स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। रन्नो दक्षिण पट्टी निवासी राधिका (12वर्ष) के जन्मजात पोलियो की बीमारी के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिसपर जिलाधिकारी ने डा0 आर सी यादव को निर्देशित किया कि बच्चें की हर-सम्भव इलाज कराकर अवगत कराये। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि मरीजों को बैठने के लिए कुर्सी, पेयजल, वेस्ट डिस्पोजल, वैक्सीन का रख-रखाव सहित विभिन्न दिशा-निर्देश दिए गए। 
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कार्यालय विकास खण्ड बक्शा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान  तमाम अभिलेख को देखा गया। ग्रांट रजिस्टर के निरीक्षण के दौरान पाया कि रुपए 02 करोड़ 59 लाख अवशेष है जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि विस्तृत समीक्षा की जाए और संबंधित से स्पष्टीकरण लेने की कार्रवाई की जाए।    आवास से संबंधित गांववार रजिस्टर बनाया जाए। एपीओ अंकित सिंह को निर्देशित किया कि सभी प्रकार के रजिस्टर अपडेट रखें। परिसर में निष्प्रयोज्य बिल्डिंगों को ध्वस्त  करने के निर्देश दिया।  
एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि गांव में जाकर एसडब्ल्यूएम के कार्य को गुणवत्ता पूर्ण कराएं। इस दौरान जिलाधिकारी के द्वारा व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देशित किया कि जितने भी शौचालय अपूर्ण है उन्हें जल्द से जल्द बना दिया जाए। मीटिंग हॉल में वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम बनाए जाने हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी के निरीक्षण के समय विकास खण्ड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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