पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ चुनाव को लेकर उठी तेज़ आवाज़

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुरुवार को प्रशासनिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रो. राजेश सिंह के नेतृत्व में कुलपति प्रो. वंदना सिंह से भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने इसे विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक परंपरा और पारदर्शी कार्यप्रणाली को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

शिक्षक नेताओं ने कुलपति को अवगत कराया कि शिक्षक संघ की वर्तमान कार्यकारिणी का दो वर्ष का कार्यकाल काफी पहले ही समाप्त हो चुका है, बावजूद इसके वही कार्यकारिणी संघ का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विश्वविद्यालय के अध्यादेशों के विपरीत है और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि समय से चुनाव न होने के कारण संघ की कार्यशैली प्रभावित हो रही है और सक्रिय सदस्यों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। इसलिए नए चुनाव तत्काल कराने की आवश्यकता है।

ज्ञापन में यह मांग भी प्रमुखता से उठाई गई कि शिक्षक संघ से जुड़े वे सदस्य, जिन्हें परीक्षा समिति, चयन समिति, अकादमिक समिति तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में सदस्यता मिली थी, उनकी अवधि पूरी हो चुकी है। इसलिए ऐसे सभी सदस्यों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाए, जिससे प्रशासनिक कामकाज सुचारू ढंग से चलता रहे।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से प्रो. राजेश सिंह, प्रो. लक्ष्मण सिंह, प्रो. राकेश यादव, प्रो. आर.बी. यादव, प्रो. राजेश पाल, डॉ. प्रशांत त्रिवेदी, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. जितेंद्र यादव सहित कई शिक्षक शामिल रहे।

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