अधिकारीयों की हो गयी चांदी, अब एक साल तक स्थानान्तरण प्रक्रिया पर लगी रोक



अधिकारी गलत करे या सही  जनता को लूटे या सरकारी खजाने को बिना सीएम की स्वीकृति के नहीं होगा तबादला 
 
जौनपुर।  अब अधिकारी जनता सहित सरकारी धन को लूटे खाये मस्त रहे क्योंकि सरकार ने एक साल तक स्थानान्तरण पर रोक लगाने की घोषणा कर दिया है। मिली खबर के मुताबिक आज 12 मई को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है ,सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर एक साल के लिए  रोक लगा दी है. इसमें आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीएस समेत सभी कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक शामिल है. 2020-2021 में कोरोना महामारी के चलते अग्रिम आदेशों तक तबादले पर रोक लगाया गया है.
आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते अग्रिम आदेश तक ट्रांसफर पर रोक रहेगी. इसके अलावा सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट), मृत्यु, बीमारी, प्रोन्नति (प्रमोशन), त्यागपत्र (इस्तीफा), निलंबन, बर्खास्तगी से खाली पदों को अनुमोदन लेकर ही तैनाती की जायेगी । अपरिहार्य स्थिति में मुख्यमंत्री से बिना अनुमोदन कोई भी स्थानान्तरण नहीं होगा। 
यहाँ बतादे कि अभी तक तो अधिकारी स्थानांतरण के भय से कुछ हद तक जन हित का काम कर देते रहे है  लेकिन सरकार के इस फैसले से अब भ्रष्ट अधिकारियों की चांदी हो जायेगी  पूरे एक साल तक तबीयत से आम जन मानस का खून चूसने के साथ ही सरकारी धन को अपनी निजी सम्पत्ति बनाने में सफल हो रहेगे।

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