ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवको को लेकर सरकार की जानें क्या है नयी गाइड लाइन, अपर मुख्य सचिव ने जारी किया यह आदेश


उत्तर प्रदेश सरकार ने जिन ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के निकटस्थ परिवारीजन ग्राम रोजगार सेवक के पद पर तैनात हैं, वहां नये ग्राम रोजगार सेवक का चयन करने का निर्णय लिया है। पुराने ग्राम रोजगार सेवक के अनुभव का लाभ प्राप्त किये जाने के लिए निकट के ग्राम पंचायत की सहमति से इनकी तैनाती उस ग्राम पंचायत में की जा सकती है। इसके अलावा आपसी सहमति से दो ग्राम पंचायतें अपने ग्राम रोजगार सेवकों का परस्पर स्थानान्तरण जनपद स्तरीय अधिकारी को प्रस्ताव भेज कर, प्रस्ताव की सहमति प्राप्त करने के पश्चात कर सकती हैं। 
इस सम्बन्ध में ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के जिलाधिकारियों तथा जिला कार्यक्रम समन्वयकों को निर्देश जारी कर दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2021 संपादित हुए हैं। प्रदेश में कतिपय ग्राम पंचायतों में नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानो के निकटस्थ परिवारजन मनरेगा योजना के तहत ग्राम रोजगार सेवक के पर पर भी तैनात हैं, जिससे विभागीय कार्यों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही योजना के उद्देश्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सम्भावना है।
उन्होंने बताया कि ग्राम सचिवालय की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी की होगी। ग्राम पंचायत से सम्बन्धित समस्त प्रकार के दस्तावेज और अभिलेख ग्राम पंचायत कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे जैसे कि एक विभिन्न योजनाओं से प्राप्त होने वाली धनराशि, बीपीएल परिवारों की सूची, विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची, विभिन्न योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र वित्त पोषण में ग्राम सचिवालय की स्थापना और संचालन केन्द्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, ग्राम पंचायत के स्वयं के संसाधन एवं विभिन्न योजनाओं के प्रशासनिक धनराशि से किया जायेगा। बता दें कि मानदेय की मांग को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों ने राजधानी में धरना प्रदर्शन किया था, जिसके चलते कुछ भुगतान हो गया है, बाकी का अभी भी इंतजार है।

Comments

Popular posts from this blog

जौनपुर में चुनावी तापमान बढ़ाने आ रहे है सपा भाजपा और बसपा के ये नेतागण, जाने सभी का कार्यक्रम

अटाला मस्जिद का मुद्दा भी अब पहुंचा न्यायालय की चौखट पर,अटाला माता का मन्दिर बताते हुए परिवाद हुआ दाखिल

मछलीशहर (सु) लोकसभा में सवर्ण मतदाताओ की नाराजगी भाजपा के लिए बनी बड़ी समस्या,क्या होगा परिणाम?