आईपीएस अधिकारी बन कर शोसल मीडिया के जरिए जानें कैसे कर रही थी आर्थिक शोषण, पोल खुली अब पुलिस जांच में जुटी


सोशल मीडिया के जरिये फ्राड का मामला तो आपने बहुत सुना होगा लेकिन ऐसा मामला नहीं सुना होगा। एक युवती ने आईपीएस ऑफिसर बता कर अपने फेसबुक दोस्त से लगातार पैसे ऐंठती रही। जब सच्चाई युवक के सामने आई तो उसके होश उड़ गये। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई है। प्रार्थना पत्र के साथ पीड़ित दिवाकर श्रीवास्तव ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की स्क्रीनशॉट, बैंक पासबुक, फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर आदि साक्ष्य दिये हैं। अब युवती पर कानूनी शिकंजा कसा जाना तय है। जानिए युवती ने कैसे युवक को अपने मायाजाल में फंसाया- खुद को उड़ीसा कैडर की आईपीएस ऑफिसर बता कर युवती ने फेसबुक दोस्त के साथ बड़ा फ्रॉड कर दिया है। फैमिली प्रॉब्लम बता पहले महज 40 हजार फिर मां का एक्सीडेंट होने का बहाना बना 1 लाख 85 हजार की ठगी की घटना को अंजाम दे दिया। जिस फेसबुक मित्र को आईपीएस ऑफिसर समझ युवक लगातार दोस्ती की पटकथा आगे बढ़ा रहा था। जब उसे पता चला कि ये युवती कोई आईपीएस ऑफिसर नहीं है, बल्कि जालसाज है और उसके खिलाफ भुवनेश्वर उड़ीसा में मुकदमा दर्ज है तो युवक के होश उड़ गए।


परेशान हो युवक ने आईजी बरेली रेंज से शिकायत की है। आईजी बरेली रेंज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिक्षेत्रीय साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किये हैं। जिस कथित महिला आईपीएस ऑफिसर के खिलाफ रेंज कार्यालय शिकायत पहुंची, सचमुच में कहीं ये महिला उड़ीसा कैडर की आईपीएस ऑफिसर तो नहीं है ये जानने को बरेली रेंज के आईजी रमित शर्मा ने अपने जानकार उड़ीसा कैडर के आईपीएस अफसर को फोन भी किया। हालांकि पता चला कि जिस युवती की रेंज कार्यालय में शिकायत हुई है, उस नाम की कोई युवती उड़ीसा कैडर की आईपीएस नहीं है।
शुक्रवार को यूपी के बरेली रेंज के आईजी रमित शर्मा के समक्ष पेश हो बदायूं जनपद के उझानी थाना अंतर्गत सिरसौली गांव निवासी दिवाकर श्रीवास्तव पुत्र श्रीपाल श्रीवास्तव ने प्रार्थना पत्र दिया। बताया है कि माह मई में फेसबुक पर शर्मिष्ठा बेहरा नाम की युवती से उसकी दोस्ती हुई। युवती ने खुद को उड़ीसा कैडर की आईपीएस बताया। बतौर एसीपी सीआरपीएफ दिल्ली में पोस्टिंग होने का दावा किया। ठगी के ठाठ का माया जाल फेंकते हुए युवती ने आईपीएस यूनिफॉर्म में बाकायदा ऑलीशान वातानुकूलित ऑफिस की झलक दिखा वीडियो कॉल की। कथित महिला आईपीएस के जाल में फंसे दिवाकर श्रीवास्तव ने पूरे मामले में पुलिस महानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र रमित शर्मा से मुकदमा दर्ज कर इस युवती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ दिवाकर श्रीवास्तव ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की स्क्रीनशॉट, बैंक पासबुक, फोटोग्राफ और मोबाइल नंबर आदि साक्ष्य दिये हैं। अब युवती पर कानूनी शिकंजा कसा जाना तय है।

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