लखीमपुर घटना को लेकर सियासी बढ़त में प्रियंका गांधी ने मारी बाजी,समूचे विपक्ष को कर दिया मजबूर


लखीमपुर की घटना ने प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी प्रमुख विपक्षी दल इसका सियासी फायदा उठाने की कोशिश में जुटे हैं। घटना के तुरंत बाद सपा, बसपा, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार पर हमलावर दिखाई दिए लेकिन जहां तक सियासी बढ़त बात है तो निश्चित तौर पर प्रियंका गांधी ने इसमें बाजी मार ली। सपा-बसपा के नेता जब मौके पर जाने की टाइमिंग तय करते रहे थे तभी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आनन-फानन में दिल्ली से लखनऊ पहुंचकर माहौल गरमा दिया। यही नहीं रविवार रात को ही लखनऊ से लखीमपुर कूच करके उन्होंने दूसरे दलों के नेताआें को भी घरों से निकलने को मजबूर कर दिया।
चुनाव नजदीक हैं तो विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ कोई भी मुद्दा हाथ से जाने नहीं देना चाहते हैं। गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि लखीमपुर की घटना ने सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। सभी दल इस घटना के जरिए अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।
खास तौर पर प्रदेश में अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के  लिए छटपटा रही कांग्रेस ने आक्रामक तरीके से आगे आकर दूसरे विपक्षी दलों पर बढ़त लेने की कोशिश की है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रियंका की इस सक्रियता का कितना सियासी फायदा होगा यह तो बाद में ही पता चलेगा लेकिन इतना जरूर है कि उनके इस कदम ने दूसरे विपक्षी दलों को भी ‘फ्रंट फुट’ पर आकर सियासी बैटिंग करने के लिए मजबूर कर दिया है। 
प्रियंका भाजपा पर तो हमलावर हैं ही, सपा-बसपा पर भी सवाल उठाते हुए कह रही हैं कि अखिलेश व मायावती सड़क पर कहां दिखाई दे रहे हैं? इशारा साफ है। प्रियंका इस घटना का सियासी फायदा उठाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। रविवार रात लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने शासन-प्रशासन को खूब छकाया। 
भले ही सरकार ने प्रियंका को लखीमपुर न पहुंचने दिया हो, लेकिन रविवार रात से ही वह सड़क पर उतरकर यह संदेश देने की कोशिश करती नजर आईं कि किसानों के लिए सबसे पहले आवाज उठाने वाली कांग्रेस ही है। दिलचस्प बात यह है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद सपा-बसपा के नेताओं ने सोमवार को सुबह लखीमपुर जाने का एलान किया। शासन-प्रशासन को छकाकर प्रियंका के लखीमपुर कूच करने की खबर आते ही बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने भी रात में ही वहां के लिए निकलने का एलान किया।
यह बात दीगर रही कि पुलिस ने उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया। सोमवार सुबह अखिलेश भी निकले तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। अखिलेश धरने पर बैठ गए और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रियंका ही ऐसी नेता रहीं जो करीब आधे रास्ते तक पहुंच पाईं।

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