आइए जानते है राज्यसभा सदस्य के लिए सपा की क्या है रणनीति


लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा और विधान परिषद के चुनावों के बाद अब राज्यसभा के लिए सरगर्मी बढ़ गई है। देश भर में राज्यसभा की 27 खाली सीटों पर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें 11 सीटें उत्तर प्रदेश के हिस्से में हैं। चुनावी गणित के हिसाब से प्रदेश में बीजेपी के सबसे ज्यादा सीटें जीतने की संभावना है। सपा सिर्फ 3 सीटें जीतने की स्थिति में है। इन तीन सीटों को लेकर पार्टी में जद्दोजहद जारी है। माना जा रहा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव तीन में से एक सीट अपने गठबंधन सहयोगी आरएलडी को दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों में से 8 सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है। सपा तीन सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। बताया जा रहा है कि अपने हिस्से की तीन सीटों में से एक अखिलेश यादव अपने सहयोगी संगठन आरएलडी को देने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन भी सपा की सीट से राज्यसभा जाने के दावेदार हैं। आलोक रंजन ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा का घोषणा पत्र तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी।
महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी के नेता अबू हसन को भी सपा के कोटे से राज्यसभा भेजा जा सकता है। इसकी भी काफी चर्चा है। सपा के एक अन्य सहयोगी सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर भी अपने बेटे को राज्यसभा भेजना चाहते हैं। अखिलेश यादव के एक करीबी नेता ने बताया कि आजम खान भी अपने एक हितैषी के लिए राज्यसभा का टिकट चाहते हैं। सपा के कई वरिष्ठ नेता भी अपनी दावेदारी जताने में लगे हैं। ऐसे में अखिलेश के लिए तीन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करना टेढ़ी खीर होने वाली है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में आरएलडी और सपा के 125 विधायक हैं। एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 34 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। विधानसभा की 403 सीटों में बीजेपी के पास 273 सीटें हैं।

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