चकबन्दी अधिकारी सहित चार लोगो पर जाल फरेब का मुकदमा दर्ज विवेचना जारी


जौनपुर। धनोपार्जन के लिए चकबन्दी विभाग के कर्मचारियों द्वारा ऐसे ऐसे हैरतअंगेज कारनामें किये जाते है कि उसकी चक्की में आम जनता को सालो साल पिसना पड़ता है। लेकिन विभाग के लोग जब फंसते है तो उनको भी दिन में तारे ही नजर आते है। जी हां ऐसा ही एक मामला जनपद के तहसील शाहगंज क्षेत्र का चर्चा में आया है जिसमें शाहगंज के चकबन्दी अधिकारी सहित चार कर्मचारियों पर थाना शाहगंज में मुकदमा पंजीकृत हो गया है 
खबर है कि एक ही नंबर की जमीन को कई बार बेचने के मामले में शाहगंज थाने की पुलिस ने चकबंदी अधिकारी सहित चार लोगों पर धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया है।
खुटहन थाना क्षेत्र के पिलकिछा गांव निवासी जवाहर लाल दूबे ने तहरीर दी कि उनकी मां विद्या देवी व परिवार के लोगों ने 1981 में हीरावती देवी से जमीन ली। उसमें हीरावती के पति राधेश्याम गवाह थे। उस जमीन पर उनका परिवार काबिज हो गया। मगर 36 साल के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करके उसी जमीन को किसी और को बेच दिया गया। अराजी नंबर की पूरी जमीन उनके परिवार ने खरीदी थी लेकिन इसी जमीन को दो-तीन बार बेचा गया।
उन्होंने बताया कि उस जमीन को राधेश्याम ने भी कुछ लोगों बैनामा किया है जबकि राधेश्याम का नाम खतौनी में था ही नहीं। इस बैनामा को भी वैध मानकर चकबंदी अधिकारी ने दाखिल खारिज भी करा दिया। सहायक चकबंदी अधिकारी शाहगंज ने जवाहर दूबे का कब्जा हटाकर दूसरे को कब्जा दिलाने का नोटिस जारी कर दिया। जवाहर की तहरीर में राधेश्याम, हीरावती, चकबंदी अधिकारी शाहगंज और सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच की जा रही है।

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