मतदान की तिथि करीब आने के साथ ही प्रचार अभियान ने पकड़ी गति, मतदाताओ की रूझान जानें किसकी ओर अधिक

जौनपुर।  निकाय चुनाव के प्रथम चक्र में होने वाले मतदान की तिथि उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों और समर्थको द्वारा प्रचार अभियान तेज कर दिया गया है। डोर टू डोर जन सम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है। लोग टीमो में मतदाताओ के डेहरी पर दस्तक दे कर अपने लिए वोट की दरकार पेश कर रहे है। मतदाता वोट चाहे जहां देगा लेकिन प्रत्याशियों को कत्तई निराश नहीं कर रहा है। मतदाताओ की इस थीम से प्रत्याशी गण खासे परेशान है और समझ नहीं पा रहे है कि आखिर परिणाम क्या होने वाला है। हलांकि मतदाता सभी को विजयी भव का आशिर्वाद दे कर खुश करता नजर आ रहा है।
जौनपुर नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी मनोरमा मौर्य के प्रचार की कमान प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चन्द यादव ने खुद संभाल रखा है। प्रतिदिन दिन सुबह तैयार हो कर पार्टी जनों की टीम लेकर इस तपती धूप में मतदाताओ के दरवाजे पर पहुंच कर निवेदन करते हुए भाजपा की जीत के लिए हाड़ तोड़ परिश्रम कर रही है। सुबह से शुरू होने वाला यह सिलसिला देर रात तक प्रतिदिन चल रहा है। इसके अलावा प्रत्याशी के परिजन अपने स्वजातीय जनो के साथ नगर पालिका क्षेत्र में पूरे दिन भ्रमण रत है।
इसी तरह निवर्तमान अध्यक्ष एवं बसपा की प्रत्याशी माया टंडन और उनके पति दिनेश टंडन जो लगभग 22 सालो से नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर आसीन रहते हुए जन सामान्य के लिए लोकप्रिय हो गये है। ये भी चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए सुबह छह बजे से लेकर रात दस बजे तक मतदाताओ के चौखट पर अपनी कई टीमों के साथ दस्तक दे रहे है। हलांकि कि प्रचार अभियान के क्रम में दिनेश टंडन और चुनाव मैदान में उतरी निवर्तमान अध्यक्ष माया टंडन ने सभी की कोसो पीछे धकेल दिया है और लगभग नगर पालिका के सभी 39 वार्डो में दूसरे राउन्ड में निवेदन करने पहुंचते नजर आ रहे है जबकि अन्य सभी प्रत्याशी गण एक बार भी अभी पूरा क्षेत्र नही प्रचार कर सके है। टंडन परिवार भी बसपा और अपने खास साथियों के साथ जन सम्पर्क करते नजर आ रहे है।
इसी तरह सपा की प्रत्याशी उषा जायसवाल भी प्रचार अभियान चला रही है। इनकी जो गति है उससे नहीं लगता कि मतदान के दिवस तक पूरे नगर पालिका क्षेत्र के सभी वार्डो के मतदाताओ तक पहुंच सके। राजनैतिक दल सपा का प्रत्याशी होने के कारण चर्चा भले हो रही है लेकिन आम मतदाताओ के बीच में इनकी छवि कुछ खास नहीं नजर आ रही है। सपा की टीम भी कुछ खास प्रयास नहीं कर रहा है। हलांकि सपा ने कागज पर चुनाव लड़ाने के लिए एक टीम बनाया है जो मतदाताओ के दर पर पहुंचने के बजाय कार्यालय में बैठकर रणनीति बनाती नजर आ रही है।  आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रही डाॅ चित्रलेखा सिंह और उनके कर्मचारी नेता पति पूरे दिन मतदाताओ के यहां पहुंच रहे है लेकिन मतदाताओ की रूझान अपने प्रति न पाकर केवल चुनाव लड़ने की खाना पूर्ति कर रहे है। जनाधार विहीन हो चुकी कांग्रेस की प्रत्याशी दरख्शा खातून भी मतदाताओ के दर पर वोट की दरकार पेश कर रही है वोट मिलेगा या नही यह तो भविष्य के गर्भ में है हां दावे तो इनके भी काफी बड़े बड़े हो रहे है। भाकपा माले ने भी चुनाव में ताल ठोका है लेकिन उनका अता पता नहीं है। इसी तरह सीमा सिंह चौहान और जान्हवी चौहान अध्यक्ष बनने का सपना देख रही है लेकिन प्रचार के नजरिए से फिसड्डी हो चुकी है।
इस तरह जो स्थित नजर आ रही है उसके अनुसार नगर पालिका परिषद जौनपुर के अध्यक्ष पद के लिए हो रही इस जंग में बसपा की निवर्तमान अध्यक्ष माया टंडन पत्नी दिनेश टंडन पूर्व अध्यक्ष और भाजपा की मनोरमा मौर्या पत्नी डाॅ राम सूरत मौर्य के बीच सीधी टक्कर हो सकती है। एक बात और भी मतदाता दबी जुबान से कहते सुना जा रहा है कि टंडन परिवार की कार्यशैली और जन मानस के लिए उनकी उपलब्धता उन्हे चुनाव में खासी मजबूती प्रदान करती नजर आ रही है। हलांकि डाॅ राम सूरत मौर्य भाजपा के पुराने कार्यकर्ता है और नगर पालिका के सभासद रहे है। सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी होने के कारण टंडन को टक्कर देते नजर आ रहे है। कयासो के इस दौर में सभी अध्यक्ष बनने का दावा तो कर रहे है लेकिन 13 मई को ही साफ होगा कि भाग्यशाली कौन महिला होगी जो चेयरमैन पद को शुसोभित करेंगी। 

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