वाजपेयी ऐसे नेता थे जिन्हें हर राजनीतिक दल स्वीकार करता था: अशोक चौरसिया


जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी के सीहीपुर स्थित कार्यालय पर पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चंद सिंह के अध्यक्षता में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई की जयन्ती पर संगोष्ठी सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय महामंत्री एवं जिला प्रभारी अशोक चौरसिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ताओं के द्वारा बंदे मातरम का गीत गाया गया। उसके पश्चात मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। 
मुख्य अतिथि अशोक चौरसिया ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाले एक विनम्र स्कूल शिक्षक के परिवार में हुआ था। वाजपेयी जी 1996 में बहुत कम समय के लिए प्रधानमंत्री बने थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने और वो भी गैर कांग्रेसी। वह राजनीति के क्षेत्र में चार दशकों तक सक्रिय रहे। भारत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने आजादी के बाद भारत की घरेलू और विदेश नीति को आकार देने में एक सक्रिय भूमिका निभाई। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे वाजपेयी एक ऐसे नेता थे जिन्हें हर राजनीतिक दल स्वीकार करता था। मोरारजी देसाई की सरकार में 1977 से 1979 तक विदेश मंत्री रहे और विदेश में भारत के साथ ही हिंदी की छवि बनाई। 1980 में जनता पार्टी से असंतुष्ट होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में मदद की इसके बाद 6 अप्रैल 1980 को बनी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी बने। वह 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित किया था। उन्होंने पाक से संबंध सुधारने के उद्देश्य से 19 फरवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की थी। साल 1990 में अटल सरकार के कार्यकाल में करगिल युद्ध में पाक के अवैध कब्जे से भारत भूमि को छुड़ाया। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, जिसने भारत के चारों महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को सड़क मार्ग से जोड़ने की शुरुआत वाजपेयी के कार्यकाल में हुई और सभी नदियों को जोड़ने का प्रयास किया परन्तु सरकार चली जाने के बाद इस पर काम बंद हो गया था अब मोदी सरकार आने के बाद उप पर तेजी से काम चल रहा हैं।
अध्यक्षता कर रहे पूर्व अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना कैरियर पत्रकार के रूप में शुरू किया था और 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी। उन्होंने कई कवितायेँ लिखी जिसे समीक्षकों द्वारा सराहा गया। सामाजिक समानता के समर्थक अटल बिहारी वाजपेयी भारत को सभी राष्ट्रों के बीच एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे। उन्हें भारत के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण और पचास से अधिक वर्षों तक देश और समाज की सेवा करने के लिए भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 1994 में उन्हें भारत का सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया।अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति हैं। अटलजी जनता की बातों को ध्यान से सुनते हैं और उनकी आकाँक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करते हैं। उनके कार्य राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को दिखाते हैं।
पूर्व विधायक सुषमा पटेल ने कहा कि छात्र जीवन से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने तभी से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे। 1999 में ही उनके नेतृत्व में 13 दलों की गठबंधन सरकार बनी, जिसने सफलतापूर्वक पांच साल का कार्यकाल पूरा किया, जो अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पहली गैर कांग्रेसी सरकार थी। 1957 में यूपी के बलरामपुर सीट से बतौर जनसंघ प्रत्याशी उन्होंने जीत हासिल की 1967 से 1977 तक जनता पार्टी की स्थापना के बाद से बीस साल तक लगातार संसदीय दल के नेता रहे।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजीत प्रजापति मण्डल अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्रा मण्डल उपाध्यक्ष मिली त्रिपाठी ने अटल विहारी वाजपेयी के कविता का पाठ किया। विकास शर्मा नरेन्द्र उपाध्याय ने भी अटल जी पर विचार व्यक्त किया। 
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक एवं जिला महामंत्री अमित श्रीवास्तव ने किया। उक्त अवसर पर जिला महामंत्री सुनील तिवारी जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंघानियां जिला मंत्री राजू दादा राज पटेल डा रामसूरत मौर्य मम्मन यादव श्यामबाबू यादव धनञ्जय सिंह आमोद सिंह रोहन सिंह सिद्धार्थ राय ब्रहमेश शुक्ला अनिल गुप्ता मेराज हैदर इन्द्र्सेन सिंह घनश्याम यादव संदीप सिंह श्रीकृष्ण पाण्डेय रमेश यादव मण्डल अध्यक्ष गण विनोद शर्मा बलबीर गौड़ विनोद मौर्य भोला सिंह वंश बहादुर पाल अमित श्रीवास्तव राजकेशर पाल अजय मिश्रा उमेश सिंह नरेन्द्र विश्वकर्मा भूपेश सिंह शैलेश सिंह सुरेन्द्र विक्रम सिंह महेंद्र बिन्द संतोष गुप्ता दिलीप शर्मा चंद्रेश गुप्ता सिद्दार्थ सिंह देवी प्रसाद सिंह मनोज तिवारी निखिल सोनकर सुरेन्द्र मिश्रा पवन शर्मा उमेश तिवारी आयुष अस्थाना आदि उपस्थित रहे।

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