डाॅ0 अखिलेश्वर शुक्ला बने राजा श्री कृष्ण दत्त पीजी कालेज के प्राचार्य , ग्रहण किया पदभार



जौनपुरः वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर से सम्बद्ध राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के फौजी प्रशिक्षण प्राप्त, एन0सी0सी0 के संघीय अधिकारी रहे, डाॅ0 (कैप्टन) अखिलेश्वर शुक्ला ने प्राचार्य पदभार आज दिनांक 01 फरवरी 21को ग्रहण किया। यह आदेश प्रशासक/क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, वाराणसी डाॅ0 ज्ञानप्रकाश वर्मा द्वारा कुलसचिव, वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय, जौनपुर, जिलाधिकारी जौनपुर, उच्च शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज एवं संबंधित को भी सूचित किया गया। 
डाॅ0 (कैप्टन) अखिलेश्वर शुक्ला मूल रूप से बिहार के सासाराम जनपद के निवासी है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश से प्रारम्भ होकर श्रीमती ऐनी बेसेन्ट द्वारा स्थापित सेन्ट्रल हिन्दू ब्वायज स्कूल, कामच्छा वाराणसी से इण्टरमीडिएट, श्रीमती ऐनी बेसेन्ट से प्रेरित होकर पं0 मदन मोहन मालवीय ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, (बी0एच0यू0) की स्थापना की थी वहां से स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध कार्य पूर्ण किया। महामना की बगिया में 14 वर्ष के लम्बे अध्ययन व अनुभव के पश्चात सन् 1991 में राजा श्रीकृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर में प्रवक्ता,  राजनीति विज्ञान विभाग में नियुक्ति प्राप्त किया। वह समय था जब नकल व अनुशासनहीनता (गुंडई) चरम पर थी, स्वभाव से जुझारू डाॅ0 शुक्ला ने प्रवक्ता काल से जो संघर्ष शुरू किया उसका परिणाम हुआ कि तीन बार छात्रसंघ निर्वाचन अधिकारी भी बनाया गया। जब महाविद्यालय का एकलौता अध्यक्ष पद प्रत्याशी का पर्चा निरस्त होना पूरे पूर्वान्चल में चर्चा का विषय बना। आप जब प्रशिक्षण  अधिकारी  बने तो सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियो के साथ-साथ 96  बटालियन की तरफ से “दिल्ली गणतन्त्र दिवस” राजपथ पर होने वाले परेड में सर्वाधिक कैडेट्स भेजने का श्रेय आपको मिला। एक वर्ष में तीन कैडैट्स राज कालेज से राजपथ पर जाना एक ऐतिहासिक उपलब्धि रहा। 
10 वर्षो तक मुख्य अनुशास्ता रहने के पश्चात 2012 से 2018 तक पूर्वान्चल विश्वविद्यालय जौनपुर के केन्द्रीय मूल्यांकन केन्द्र का समन्वयक बनाया गया। मूल्यांकन के दौरान जो व्यवस्था इनके द्वारा दी गयी आज कई विश्वविद्यालयों में उसका अनुकरण किया गया है। विश्वविद्यालय उड़ाका दल संयोजक के रूप में इन्होनें छात्रों के मोबाइल को नकल सामग्री मानते हुए निष्कासन प्रारम्भ किया, तब इनकी आलोचना जरूर हुई लेकिन बाद में सरकारी फरमान जारी हो गया कि परीक्षा के दौरान छात्र कैम्पस में मोबाइल नहीं रखेगें। यही नहीं 2003 से 2012 तक राज कालेज कैम्पस को चीफ प्राक्टर काल में मोबाइल विहिन घोषित किया। जिसका परिणाम हुआ कि नकल व अनुशासन के लिए प्रसिद्ध कालेज पूरी तरह से नकल विहिन अनुशासित छात्रो की संस्था के रूप में पहचान बनाया।
शैक्षणिक योग्यता (उपलब्धियो) में डाॅ0 शुक्ला ने उ0प्र0 लोक सेवा आयोग माध्यमिक चयन बोर्ड काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सहित एक दर्जन से अधिक विश्वविद्यालयों मे विषय विशेषज्ञ एवं आधा दर्जन से अधिक सामाजिक संस्थाओ द्वारा नागरिक सम्मान से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त कर चुके है। लगभग दो दर्जन से अधिक शोधार्थियो को पी-एच0डी0 कराने से लेकर दर्जनों राष्ट्रीय अन्र्तराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित कराने सेमिनारो में शोध पत्र प्रस्तुत करने महाविद्यालय से प्रकाशित होने वाली पत्रिका (सृजन) के मुख्य सम्पादक भी रहे। उच्चतर शिक्षा सेवा चयन द्वारा 2007 में प्राचार्य पद पर नियुक्ति में 162 अंक प्राप्त अभ्यर्थी की नियुक्ति की गयी जबकि डाॅ0 शुक्ला को 176 अंक प्राप्त करने के बाद भी चयनित सूची से बाहर रखा गया, इस अनियमिता की चर्चा प्रदेश के अधिकांश समाचार पत्रो एवं मीडिया के मुख्य पृष्ठ की खबर बनी, बाद में मा0 उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय ने यह नियुक्ति निरस्त कर दी। 
इस कार्यक्रम के तत्काल बाद महाविद्यालय के नवनियुक्त प्राचार्य ने कार्यालय कर्मचारियो की बैठक करके कार्य विधि में परिवर्तन लाने तथा अनुशासन पर बल दिया। उक्त कार्य पद भार ग्रहण एवं निवर्तमान प्राचार्य डाॅ0 विष्णुचन्द्र त्रिपाठी के सम्मान में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 मनोज वत्स, अध्यक्ष शिक्षक संघ महाविद्यालय इकाई ने किया।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 श्याम सुन्दर उपाध्याय, महामंत्री महाविद्यालय शिक्षक संघ इकाई ने किया।
इस अवसर पर डाॅ0 मयानन्द उपाध्याय, डाॅ0 अवधेश द्विवेदी, डाॅ0 ज्योत्सना श्रीवास्तव, डाॅ0 अनामिका सिंह, डाॅ0 अभय प्रताप सिंह, डाॅ0 सुधा सिंह, अखिलेश गौतम, डाॅ0 सुनीता गुप्ता, डाॅ0 मनोज वत्स, डाॅ0 विजय प्रताप तिवारी, डाॅ लाल साहब यादव, डाॅ0 ओमप्रकाश दूबे, डाॅ0 आशीष कुमार शुक्ला डाॅ0 सुधाकर शुक्ला, डाॅ0 राजेन्द्र सिंह,डाॅ0 नीता सिंह, डाॅ0 अनीता सिंह , धर्मवीर सिंह, विवेक यादव, अनिल मौर्य, विष्णुच मौर्य, डाॅ0 चन्द्राम्बुज कश्यप, डाॅ0 अजय मिश्रा,  सुधाकर मौर्य, संजय सिंह कार्यालय अधीक्षक उपस्थित रहे।

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