मंत्रीमंडल के विस्तार में जानें किसकी हो सकती है छुट्टी और किसे मिल सकती है सत्ता की चाभी,विद्या सागर का भी नाम चर्चा में


उत्तर प्रदेश की साढ़े चार पुरानी भाजपा सरकार अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने जा रही है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री को दिल्ली बुलाया है। यह दोनों ही नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। सभावना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विचार विमर्श के बाद जल्द ही इसकी तिथि तय कर दी जाएगी। इस फेरबदल में कुछ मंत्रियों की छुट्टी किए जाने की बात कही जा रही है। इसमें बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चन्द्र द्विवेदी और जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह का नाम प्रमुखता में है। इनके अलावा परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह का नाम भी शामिल है।  
जो पूर्व में सांगठनिक स्तर पर बेहतरीन काम कर चुके हैं। फिर से संगठन में लाने की पूरी तैयारी है। जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक तथा प्रदेश महासचिव रहे विधान परिषद सदस्य विद्या सागर सोनकर को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की बात कही जा रही है। गुजरात कैडर के आईएएस रहे अरविंद शर्मा को एमएलसी चुनाव के बाद यूपी सरकार में अहम जिम्मेदारी देना तय माना जा रहा हैं। मंत्रिमंडल में अरविन्द शर्मा के अलावा लक्ष्मण आचार्य, सलिल विश्नोई को मौका दिया जा सकता है। कहा जा रहा है कि हाल ही में भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद आरएसएस और भाजपा नेताओं के बीच हुई समन्वय बैठक में काफी कुछ तय हो चुका है बस केन्द्र से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। 
दरअसल पिछले साल योगी कैबिनेट के दो मंत्रियों चेतन चौहान और कमल रानी वरुण का कोरोना की वजह से निधन हो गया था। जबकि इस साल एक राज्य मंत्री विजय कश्यम का भी कोरोना के चलते निधन हो गया। इसके बाद से यह मंत्रिपद खाली चल रहे हैं। साथ ही कुछ मंत्रियों के उनके कमजोर कार्यशैली को देखते हुए उन्हें हटाकर संगठन की जिम्मदारी दी जा सकती है। चर्चा यह भी है कि नए मंत्रिमंडल में छह से सात नए चेहरों को मौका मिल सकता है। फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी मंत्रियों की संख्या कुल 54 है। अभी 6 मंत्री पद खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। इससे पहले 22 अगस्त, 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान उनके मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे। इस कार्यक्रम में शपथ लेने वाले कुल 23 लोगों में 18 नए चेहरे शामिल किए गए थे।

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