मिशन 2022 : चुनाव से पहले योगी सरकार लुभावनी योजनाओं के लिए खजाना खोलने की तैयारी में



उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाने से पहले योगी सरकार कई लुभावनी नई पुरानी योजनाओं को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी में है। इस महीने विधानमंडल सत्र में लाए जाने वाले अनुपूरक बजट में अधूरी योजनाओं को आगे बढ़ाने व पूरा कराने के लिए सरकार खजाना खोलेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण तो एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी व मेट्रो परियोजनाएं हैं। लाभार्थी परक परियोजनाओं को भी परवान चढ़ाया जाएगा।
योगी सरकार के कार्यकाल का यह आखिरी अनुपूरक व इस साल का पहला अनुपूरक बजट होगा। शिलान्यास होने के बाद दिवाली के आसपास गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होना है। इसके लिए सरकार को जमीन खरीद व यूटीलिटी शिफ्टिंग व अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए एकमुश्त रकम का इंतजाम करना होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होना है, लेकिन इसके बावजूद आगे के कई खर्चों के लिए बजट में रकम रखी जाएगी। 
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बचे 35 प्रतिशत काम को पूरा कराने के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में फिल्म सिटी किस माडल पर बनेगी, यह अभी तय होना है लेकिन शुरुआती खर्चों के लिए कुछ रकम जरूरी रखी जाएगी। इसी तरह यूपी को वन ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने इन्वेस्ट इंडिया ने पूरा रोडमैप बनाया है। इसी आधार पर मुख्यमंत्री ने विभागों को काम करने को कहा है। इसके लिए इस संस्था को भी फीस दी जानी है। जेवर एयरपोर्ट की सारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं है। अब इसका निर्माण शुरू होना है। यूटीलिटी शिफ्टिंग व आबादी को दूसरी जगह बसाने पर आ रहे खर्च के लिए इस अनुपूरक बजट में इंतजाम होगा। 
कानपुर मेट्रो के लिए भी रखी जाएगी रकम
इसी तरह कानपुर मेट्रो परियोजना का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके लिए जरूरी रकम रखी जाएगी। राज्य कर्मचारियों के बढ़े हुए डीए पर बड़ी रकम खर्च होनी है। इसके अलावा दिवाली के आसपास बोनस भी दिया जाना है। इस मद में रकम पहले से  है लेकिन इसके लिए और इंतजाम करना होगा। डीए की अगली किस्त भी आगे दी जानी है। नए मेडिकल कालेज, ड्रग लैब, शिक्षण संस्थान, मूर्ति स्थापना, गरीब परिवारों को राशन आदि मद में भी रकम रखी जाएगी। 
अगले साल चार महीने का लेखानुदान, चुनाव बाद पूर्ण बजट
अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में फरवरी में सरकार पूर्ण बजट के बजाए चार महीने का लेखानुदान ही आएगा। इसमें केवल वेतन, भत्ते, पेंशन के खर्चें व चुनाव कराने के लिए होने वाले खर्च व सुरक्षा खर्च के लिए ही रकम रखी जाएगी। पूर्ण बजट लाने का  काम नई सरकार बनने के बाद होगा। इसीलिए सरकार की कोशिश चुनावी नजरिए से लोकलुभावन योजनाओं के लिए पैसे का इंतजाम अनुपूरक बजट में करेगी ताकि सितंबर से लेकर फरवरी तक इनके जनता तक पहुंचाया जा सके और योगी सरकार अपने थोड़े बहुत बचे वायदे भी चुनाव तक पूरे कर दें। कोरोना काल में आए अतिरिक्त खर्च के लिए भी रकम रखी जाएगी। 


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