बाहुबली नेता पूर्व सांसद धनंजय सिंह को फिर कोर्ट का झटका नामामि गंगे मैनेजर अपहरण केश में आरोप तय


जौनपुर। पूर्व सांसद एवं बाहुबली नेता धनंजय सिंह को आज कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण और पिस्टल सटाकर रंगदारी मांगने, षड्यंत्र तथा गालियां और धमकी देने के मामले में विभिन्न धाराओं में पूर्व सांसद धनंजय सिंह व उनके करीबी संतोष विक्रम सिंह पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिया है।
शनिवार को धनंजय और संतोष विक्रम अपर सत्र न्यायाधीश छह ( एमपी-एमएलए कोर्ट) में पेश हुए। सरकारी वकील अरुण पांडेय और सतीश रघुवंशी के प्रार्थना पत्र पर वादी अभिनव सिंघल की गवाही के लिए के लिए 15 अप्रैल की तिथि तय की गई है।  मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को थाना लाइन बाजार में अपहरण, रंगदारी व अन्य धाराओं में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम पर मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी ने आरोप लगाया गया था कि संतोष विक्रम दो साथियों के साथ उनका अपहरण कर पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह के आवास पर ले गए। वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए। गालियां देते हुए सामग्री की आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाया। इंकार करने पर धमकी देते हुए रंगदारी मांगी। मामले में पूर्व सांसद की  गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय इलाहाबाद से जमानत हुई।
पिछली सुनवाई में धनंजय और संतोष विक्रम ने इस मामले में उन्मोचन (नाम हटाने) का प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम शरद त्रिपाठी की कोर्ट में दिया था। जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया था। आज शनिवार को दोनों आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह व संतोष विक्रम न्यायालय में उपस्थित हुए और आरोप तय हो गया है। मुकदमें में सुनवाई की अगली तिथि 15 अप्रैल मुकर्रर की गयी है। 

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