सावन के प्रथम दिन ही काशी का हर कोना बम बम उद्घोष से डूबा,जलाभिषेक शुरू

काशी में गुरुवार से आस्‍था का सावन आ गया है। बाबा दरबार से लेकर गंगधार तक बाबा का दरबार ही नहीं काशी का कोना कोना हर हर बम बम के उद्घोष में डूबा हुआ है। माना जा रहा है कि पूरे माह भर एक करोड़ से अधिक लोग नव्‍य भव्‍य बाबा दरबार में हाजिरी लगाएंगे और बाबा का जलाभिषेक कर कृतार्थ होंगे। सावन के पहले दिन गुरु पूर्णिमा पर्व के बाद आस्‍थावानों ने गुरु चरणों की वंदना करने के बाद बाबा का दर्शन करना प्राथमिकता दी। गंगाजल लेकर तड़के ही बाबा दरबार की कतार में जुट गए। 
बाबा के भक्‍त एक दिन पूर्व गुरुपूर्णिमा के पर्व से ही आस्‍था में डूबे काशी में निवास कर बाबा के अभिषेक को व्‍याकुल थे। बाबा दरबार से लेकर गंगधार तक ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते आस्‍थावानों की एक ही मंजिल बाबा दरबार में दर्शन और पूजन की थी। तड़के मंगला आरती के बाद बाबा दरबार में दर्शन का क्रम शुरू हुआ तो दिन चढ़ने तक आस्‍था का सावन काशी में अंगड़ाई लेता नजर आया। सुबह दस बजे तक हजारों आस्‍थावान बाबा दरबार में सावन माह के पहले दिन दर्शन और पूजन कर चुके थे। इस लिहाज से बाबा दरबार में आस्‍था का सावन अब परवान चढ़ने लगा है। 
वाराणसी में बाबा दरबार में दर्शन पूजन के लिए तीन द्वारों से भक्‍तों को प्रवेश दिया जा रहा है। गंगा द्वार से सबसे आसान रास्‍ता सीधा बाबा दरबार तक है। ऐसे में सीधे गंगाजल लेने के बाद भक्‍त बाबा के दर्शन पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। भक्‍तों के आने का क्रम सुबह मंगलाआरती के साथ शुरू हुआ तो दिन चढ़ने तक हजारों लोग बाबा दरबार में हाजिरी लगा चुके थे। मान्‍यताओं के अनुरूप बाबा दरबार में पूजा की थाली के साथ ही फल- फूल और मेवा के साथ शहद, दही, घी और दूध के साथ बिल्‍वपत्र चढ़ाकर मन्‍नतें मांगते नजर आए। वहीं पहले दिन सुरक्षा कारणों से फोर्स की भी तैनाती रही और पिकेट पर सुरक्षा बल मुस्‍तैद रहे। 

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