कोर्ट का आदेश रद्दी की टोकरी में नानवेलेबुल वारंटी की गिरफ्तारी क्यों नहीं


जौनपुर। पुलिस जब राजनैतिक दबाव में काम करेगी तो क्या दलित समाज के गरीब और पीड़ित को न्याय मिल सकेगा यह एक बड़ा गम्भीर सवाल पुलिस विभाग और अधिकारियों के समक्ष खड़ा होता दिख रहा है। जी हां थाना जलालपुर की पुलिस द्वारा ऐसे मुद्दे को लेकर किये गये हैरतअंगेज कारनामे ने पुलिस को सवालो के कटघरे में खड़ा कर दिया है।पुलिस की सेहत पर कोई असर नहीं लेकिन पुलिस के कृत्य की परिणित यह है कि गरीब एवं पीड़ित दलित दबंग सवर्ण से लगातार प्रताड़ित हो रहा है इतना ही नहीं अब जान माल की धमकियाँ मिल रही है। न्यायालय के आदेश पुलिस की रद्दी की टोकरी की गर्दा फांक रहा है।
यहां बता दे कि जनपद के थाना जलालपुर क्षेत्र स्थित ग्राम सादीपुर सिरकोनी निवासी गरीब अनुसूचित जाति पुष्पा देवी नामक महिला को उसी गांव के दबंग रविंद्र कुमार सिंह एवं सुरेन्द्र कुमार सिंह नामक ने मारापीटा था। पीड़ित थाना जलालपुर पर शिकायती पत्र दिया थानेदार ने गरीब की मदद करने के बजाय दबंग का साथ दिया। पीड़ित न्याय पालिका की शरण में चला गया और 156(3) आइपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया कोर्ट ने मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया तब जाकर पुलिस ने मुअसं 248/22 से धारा 323, 504, 506, 452, 3/1(X) भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अभियुक्तो की गिरफ्तारी के बजाय अभियोग पत्र न्यायालय भेज दिया। 26 अगस्त 22 को  न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए अभियुक्तो को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने का आदेश दिया आदेश थाने पर पहुंचने के बाद थानेदार अभियुक्तो को गिरफ्तार करने के बजाय न्यायालय का आदेश रद्दी की टोकरी में डाल अभियुक्त गण का राजनैतिक दबाव में सम्मान किया और थाने पर चाय पानी कराके छोड़ दिया। 
अब स्थिति यह है कि दबंग अभियुक्त गण गरीब दलित अनुसूचित जाति के वादी मुकदमा को तरह तरह की धमकियां दे रहे है।पीड़िता की माने तो उसे अब जान से मारने की धमकी मिलने लगी है जिसके कारण घर के अन्दर दुबकी हुई है। इस तरह इस मामले ने थाना जलालपुर के कृत्य का खुलासा किया है। पीड़िता अब जिला स्तरीय पुलिस के अधिकारियों से अपने सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रही है।सवाल यह है कि क्या गरीब की सुरक्षा के साथ पुलिस के अधिकारी न्याय कर सकेंगे। 

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