जयमाल के समय आखिर दुल्हन को पुलिस क्यों ले गयी अपने साथ, जानें कारण क्या था, बराती घराती में मचा हडकंप

जनपद सोनभद्र स्थित शाहगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार की रात करीब साढ़े 11 बजे उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब जयमाल कार्यक्रम को जिला बाल संरक्षण इकाई और पुलिस की टीम ने रुकवा दिया। जयमाल कार्यक्रम रोकवाते हुए टीम किशोरी को अपने साथ ले गई। शादी के दौरान हुए इस वाकये से हर कोई हतप्रभ रहा। हालांकि टीम भी नियमों का हवाला देती रही।
जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह एवं पुलिस अधीक्षक डा.यशवीर सिंह को सूचना मिली की  शाहगंज थाना क्षेत्र के कपूरा गांव में नाबालिग (किशोरी) शादी कराई जा रही है। जयमाल होने जा रहा है।सूचना मिलने पर डीएम ने इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश कुमार खैरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। इसी क्रम में महिला शक्ति केन्द्र से जिला समन्वयक/नोडल साधना मिश्रा, जिला बाल संरक्षण इकाई से ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे एवं मानव तस्करी रोधी इकाई से मुख्य आरक्षी धनंञ्जय यादव, महिला आरक्षी शालनी वैश्य की टीम रात में करीब साढ़े 11 बजे शाहगंज थाने की पुलिस से समन्वय स्थापित करते हुए कपूरा गांव पहुंची और जयमाल कार्यक्रम को रोकवा दिया। किशोरी के माता-पिता से किशोरी के उम्र के संबंध में साक्ष्य मांगा। साक्ष्य के आधार पर किशोरी की उम्र 16 वर्ष पाई गई। इस पर घराती एवं बराती पक्ष के लोगों को टीम ने समझाया किया नाबालिग अवस्था में लड़के या लड़की की शादी या निकाह करना कानूनन अपराध है। लड़की 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष हो जाए तभी शादी करनी चाहिए। किशोरी की शादी न कर दी जाए, इसलिए टीम अपनी अभिरक्षा में बालिका को बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समझ प्रस्तुत करने के लिए ले गई। मौके पर शाहगंज थाना के पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

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