तमाम जिलो में कक्षा आठ तक के विद्यालय बन्द रहे लेकिन जौनपुर में ठिठुरते हुए बच्चे आखिर क्यों विद्यालय जाने को रहे मजबूर

जौनपुर। शीतलहर के इस मौसम में लगातार बढ़ती कड़ाके की ठंड और गलन के कारण बच्चो के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए पूर्वांचल के तमाम जनपदो के बच्चो के स्कूल कक्षा एक से आठ तक को 27 जनवरी तक के बन्द करने का आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी हुआ लेकिन जनपद जौनपुर के जिला प्रशासन ने बच्चो के स्वास्थ्य और ठंड और गलन से बचाने के लिए स्कूल कालेज बन्द करना जरूरी नही समझा इसीलिए कोई आदेश नहीं जारी किया गया।
यहां बता दे कि सुबह के समय जब लोग कड़ाके की ठंड और गलन से दुबकने को मजबूर थे और आग के सहारे पड़े रहे उस समय कक्षा एक से आठ तक के बच्चे कांपते हुए अपने विद्यालय जानें को मजबूर थे। अभिभावको ने जिला प्रशासन की लापरवाही पर शख्त एतराज जताते हुए सवाल भी खड़ा किया है। कई शिक्षक संगठन के लोगो ने भी कहा कि बच्चो के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए तापमान बढ़ने तक विद्यालयो को बन्द कर देना चाहिए। 
मंगलवार यानी 23 जनवरी की सुबह कोहरा और ठंड फिर गलन इतनी अधिक थी कि घर के बाहर निकलना सीधे तौर पर किसी गम्भीर दुर्घटना को आमंत्रित करने के समान था लेकिन सरकारी अमला खास कर प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह से सोता नजर आया है। अभिभावक कहते है बच्चो के साथ होने वाले किसी भी तरह के अनिष्ट के लिए जिला प्रशासन को ही जिम्मेदार माना जयेगा।

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