पूर्वांचल के इन दस जनपदो में सत्ता पक्ष और विपक्ष के 40 दिग्गजो की प्रतिष्ठा दांव पर


छठे व सातवें चरण की 61 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। इन सीटों पर 951 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी की है। इसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी दलों के 40 मंत्री, राज्यमंत्री, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी पदाधिकारी चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदले है। कोविड प्रोटोकाल के चलते चुनाव आयोग ने कई कड़ी बंदिशें लग गई हैं। ऐसे में इन दिग्गजों को अपनी साख बचाने को राजनीति की परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। मौजूदा परिदृश्य में एक-दूसरे के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं। इसमें किस पार्टी की लहर चलेगी यह 21 फरवरी को नामवापसी के बाद स्पष्ट होने लगेगा। बड़े नेताओं के आगमन पर चुनाव बोलने लगेगा कि जनता का शोर किस ओर जा रहा।
सत्ता पक्ष हो या विपक्ष एक दूसरे ने एक दूसरे प्रत्याशी को पटखनी देने के लिए अपना मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतारा है। भाजपा दोबारा सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है तो सपा ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है, बसपा को यह आस है कि वह सत्ता में आएगी वहीं कांग्रेस ने महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर हर पार्टी के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया है। इस बार के चुनाव में बलिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ में राजनीतिक घमासान के आसार हैं। इन्हीं क्षेत्रों से ज्यादातर दिग्गज कई साल से विधायक, मंत्री का सफर करते हुए सत्ता के केंद्र में रहे हैं।
कहां कितने दिग्गजों की होनी है परीक्षा
वाराणसी
वाराणसी की आठ सीटों पर 162 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें मंत्री अनिल राजभर, डा. नीलकंठ तिवारी, रवींद्र जायसवाल, सपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, कांग्रेस के पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरविंद राजभर शामिल हैं।
इस जिले की सात सीटों पर 82 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी, आनंद स्वरूप शुक्ल, नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिजवी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे विधायक सुरेंद्र सिंह हैं।
गाजीपुर
गाजीपुर में सात सीटों के लिए 82 उम्मीदवारों ने ताल ठोक दी है। इसमें प्रमुख नाम सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, पूर्व विधायक कालीचरण राजभर, विधायक अलका राय, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह, विधायक सुनीता सिंह, विधायक सुभाष पासी, विधायक डा. बीरेंद्र यादव का बड़ा नाम है।
आजमगढ़
जिले की दस सीटों के लिए 133 उम्मीदवार मैदान जीतने को ताल ठोक रहे हैं। यहां भी बड़े नामों की कमी नहीं है। इसमें पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, पूर्व सांसद नीलम सोनकर, पूर्व सांसद रमाकांत यादव, विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली हैं।
मऊ
चार सीटों पर अपनी-अपनी जीत का दावा करने के लिए 60 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। राजनीति में लंबे समय से यह चाहे जिस मामले में रहे पर हीरो बनकर रहे हैं। इसमें पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान, पूर्व मंत्री राजेंद्र कुमार, मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी हैं।
मीरजापुर-सोनभद्र
यहां पांच सीटों के लिए 82 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। इसमें प्रदेश के राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल, विधायक अनुराग पटेल, सपा के पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया का नाम बड़ा है। इन्हें अपनी जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। सोनभद्र की चार सीटों पर 54 प्रत्याशियों में मंत्री संजीव गोंड़, पूर्व मंत्री सुभाष खरवार, पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड़, कांग्रेस की बिदेश्वरी सिंह, बसंती पनिका हैं।
भदोही
भदोही की तीन सीटों पर 62 उम्मीदवार हैं। इसमें ज्ञानपुर से विजय मिश्र के चुनाव लडऩे से लड़ाई रोचक बनने के आसार हैं। वहीं भदोही और औराई सीट पर सत्ता पक्ष के विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी और दीनानाथ भास्कर व जाहिद बेग, रामकिशोर बिंद का इम्तेहान रहेगा।
जौनपुर
नौ सीटों के लिए 175 प्रत्याशी मैदान में हैं। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, पूर्व विधायक कांग्रेस नदीम जावेद, विधायक रमेश चंद्र मिश्र, विधायक डा. हरेंद्र प्रसाद सिंह, विधायक दिनेश चौधरी, पूर्व सांसद डा. केपी सिंह, पूर्व मंत्री जगदीश नारायण राय को चुनाव जीतकर साख बचानी है।
चंदौली
चार सीटों पर 59 उम्मीदवारों ने मैदान में ताल ठोक दी है। विधायक सुशील सिंह, विधायक प्रभुनारायण सिंह, पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के अलावा, मुगलसराय व चकिया सीट पर भाजपा को दोबारा कब्जा करने लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।




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