धरती को बचाना सबसे बड़ी चुनौती : प्रो. निर्मला एस. मौर्य


भोजन-ग्रह-स्वास्थ्य विषय पर वेबिनार का हुआ आयोजन

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय,जौनपुर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं विगन आउटरीच इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में'भोजन-ग्रह-स्वास्थ्य'विषय पर वेबिनार का आयोजन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि वर्तमान समय में धरती को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है।मनुष्य ने अपनी लालच में प्रकृति का संतुलन बिगाड़ दिया है।आज  भोजन का हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पौधरोपण करके हम धरती को बचा सकते हैं। हमारे विश्वविद्यालय में  राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा एक छात्र एक पेड़ योजना पर्यावरण को बचाने का अच्छा प्रयास है।कुलपति ने हिन्दी साहित्य में  प्रकृतिवाद, प्रगतिवाद, वर्ग संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया।
वेबिनार के मुख्यवक्ता विगन आउटरीच इंडिया के समन्वयक अभिषेक दुबे ने विस्तार से मांसाहारी भोजन, औद्योगिक प्रदूषण तथा विभिन्न जानवरों का भोजन करने से हमारे ग्रह, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है बताया और पौध आधारित भोजन के महत्व को बताया।पौध आधारित भोजन से जानवरों पर क्रूरता बचेगी।हम शाकाहारी भोजन को अपनाकर प्रकृति को भी बचा सकते हैं और विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं।विभिन्न महान हस्तियों को बताया जो वेगन हैं।विशिष्ट वक्ता डॉ साक्षी उपाध्याय ने पूर्ण रूप से पौध आधारित भोजन की महत्ता के बारे में बताया।
संचालन कार्यक्रम समन्वयक डॉ राकेश कुमार यादव ने किया।वेबिनार में शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ विजय कुमार सिंह, डॉ अखिलेश चंद्र, संयोजक- रोवर्स रेंजर्स डॉ जगदेव,डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ गोपाल सिंह यादव, डॉ ओम प्रकाश चौधरी,डॉ लाल साहब यादव,डॉ अरविंद कुमार यादव, डॉ संतोष कुमार पांडेय, डॉ अखिलेश तिवारी, डॉ यदुवंश कुमार, डॉ सुनीता गुप्ता, डॉ रामचंद्र यादव, डॉ योगेंद्र प्रताप सिंह, डॉ संजय कुमार यादव, डॉ राकेश सिंह,‌ डॉ तेज प्रताप यादव, डॉ सूबेदार यादव आदि उपस्थित थे।

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