रेलवे में नौकरी देने के नाम पर 41 लाख रूपये की ठगी, सरगना अब सलाखों के पीछे



रेलवे में टीसी और क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर आठ युवकों से 41 लाख रुपये की ठगी की गई। वाराणसी की सिगरा थाने की पुलिस ने गिरोह के सरगना को लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार जालसाजों ने प्रत्येक युवकों से नौकरी के नाम पर पांच से दस लाख रुपये लिए और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 15 दिन की ट्रेनिंग भी कराई। शनिवार को सिगरा पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया और जहां से जेल भेज दिया गया। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।  
आजमगढ़ के जहानगंज स्थित मुस्तफाबाद निवासी पीड़ित दीपक शर्मा ने जनवरी 2021 में सिगरा थाने में तहरीर दी थी कि रेलवे में टीसी की नौकरी लगवाने का दावा करने वाले प्रतापगढ़ निवासी शैलेश उपाध्याय उर्फ आकाश उपाध्याय ने पटना (बिहार) निवासी रितेश गुप्ता और अमरीश गौतम से परिचय कराया। दीपक के अनुसार रितेश खुद को डीआरएम बताता था। रितेश ने कहा कि अन्य युवकों की भी नौकरी लग जाएगी। इसके लिए पांच से दस लाख रुपये लगेंगे।
आठ दोस्तों ने जमीन गिरवी और बेचकर अमरीश और रितेश को दिया। इसके बाद रितेश ने आठ युवकों की फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जारी कराया और मेडिकल कराते हुए 15 की ट्रेनिंग भी कराई। धोखाधड़ी तब समझ में आई जब रेल अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान नियुक्ति को अवैध करार दिया।
दर्ज मुकदमे के आधार पर सिगरा थाने की पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थी कि शुक्रवार रात रोडवेज चौकी पुलिस टीम ने लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी स्थित फ्लैट पर छापा मारकर बिहार निवासी अमरीश गौतम को गिरफ्तार किया।
कब्जे से साउथ ईस्टर्न रेलवे में एसएससी का फर्जी आईकार्ड भी बरामद हुआ। सिगरा पुलिस के अनुसार अमरीश गौतम और उसके सहयोगियों ने दीपक शर्मा, राजन यादव, अर्जुन शर्मा और राहुल सिंह समेत आठ युवकों से लगभग 41 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोप है कि पैसा मांगने पर युवकों को धमकाया जाता था।

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