Posts

Showing posts from April 1, 2026

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया सम्मानित ,निरंतर समर्पित भाव से करें कार्यः प्रो.वंदना सिंह

Image
पीयू की कुलपति को मिला प्रतिष्ठित “माटी सम्मान” जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह को पूर्वांचल क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रतिष्ठित “माटी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 को पूर्वांचल महोत्सव माटी-9 कार्यक्रम के अवसर पर गांधी दर्शन परिसर राजघाट में प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन “माटी” संस्था एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित था। बुधवार को नई दिल्ली से विश्वविद्यालय आने पर कुलपति सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह को “माटी सम्मान” प्राप्त होने पर बधाई दी और उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें निरंतर समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीवन में निष्काम भाव अपने कार्य करते रहना चाहिए। ...

स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ: बीएसए ने घर-घर जाकर कराया नामांकन

Image
जौनपुर। जनपद में “स्कूल चलो अभियान” के तहत प्राथमिक विद्यालय सदरूद्दीनपुर, विकासखंड बक्सा में नामांकन अभियान उत्साह और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल स्वयं गांव पहुंचे और घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराया। उन्होंने अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की अपील की। अभियान के दौरान कुल 25 बच्चों का नामांकन किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों ने नव नामांकित बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। साथ ही बच्चों को किताबें, कॉपी और पेंसिल वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी, ग्राम प्रधान, विंध्यवासिनी उपाध्याय, समस्त अध्यापक, गांव के सम्मानित नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया और अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का संकल्प लिया। अभियान के माध्यम से शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

श्रम संहिताओं के विरोध में दवा प्रतिनिधियों ने मनाया ‘काला दिवस’, पीएम को भेजा ज्ञापन

Image
जौनपुर। अखिल भारतीय संगठन एफएमआरएआई के आवाहन पर बुधवार, 1 अप्रैल को यूपीएमएसआरए जौनपुर इकाई के सदस्यों सहित देशभर के दवा प्रतिनिधियों ने चार श्रम संहिताओं के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाया। इस दौरान सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में दवा प्रतिनिधियों ने चारों श्रम संहिताओं को निरस्त कर बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 को यथावत लागू रखने की मांग की। साथ ही निश्चित अवधि रोजगार पर नियुक्ति की अनुमति न देने, कर्मचारियों की छंटनी व स्थानांतरण पर रोक लगाने और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई। संगठन ने सभी सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को समय पर पूर्ण वेतन भुगतान, अधिनियम व नियमों का सख्ती से पालन, तथा एफएमआरएआई से वार्ता के बाद वैधानिक कार्य नियम निर्धारित करने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से निगरानी व गोपनीयता में हस्तक्षेप पर रोक लगाने की भी मांग की गई। ज्ञापन में ईंधन व अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए...

काली पट्टी बांध शिक्षकों ने मनाया ‘काला दिवस’, पुरानी पेंशन बहाली की उठी मांग

Image
जौनपुर। बुधवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव के निर्देश पर जनपद जौनपुर सहित पूरे प्रदेश में शिक्षकों व कर्मचारियों ने एनपीएस व यूपीएस के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाया। इस दौरान समस्त विद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति आक्रोश और नाराजगी जाहिर की तथा पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई। जिला इकाई के पदाधिकारियों के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाली सहित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। बीआरपी इंटर कॉलेज जौनपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि 1 अप्रैल 2005 से पुरानी पेंशन समाप्त कर एनपीएस लागू किया गया, जबकि 1 अप्रैल 2025 से यूपीएस विकल्प के रूप में लाई गई। उन्होंने कहा कि दोनों ही योजनाएं शिक्षक-कर्मचारियों के भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं हैं, बल्कि अनिश्चित व बाजार आधारित होने के कारण बुढ़ापे को असुरक्षित बनाती हैं।...