जौनपुर महोत्सव: नन्हे कलाकारों ने शाही किले में बिखेरा हुनर, निपुण विद्यालय हुए सम्मानित

जौनपुर, 25 मार्च -ऐतिहासिक शाही किले में आयोजित जौनपुर महोत्सव के दूसरे दिन बेसिक शिक्षा विभाग की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत और यादगार बना दिया। परिषदीय विद्यालयों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत, नाटक, एकांकी, लोकगीत और रंगारंग नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। मासूमियत और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों पर जमकर तालियां बजीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि करंजाकला ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव उर्फ मम्मन जी ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच ग्रामीण क्षेत्र की छिपी प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम हैं।

इस दौरान जनपद के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निपुण विद्यालयों को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त “निपुण विद्यालय पुरस्कार” देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शिक्षकों और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

महोत्सव में शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शिक्षा को सरल और रोचक बनाने वाले नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय करंजाकला, धर्मापुर और डोभी के छात्र-छात्राओं ने भी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी शिक्षकों, बच्चों, एसआरजी एवं एआरपी को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र और अनुदेशक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शैलेश कुमार चतुर्वेदी और नूपुर श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया।

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