अल्पसंख्यकों के वोट काटने की चल रही हैं साजिश : ललई यादव
एसआईआर के बहाने पूर्व मंत्री ने भाजपा पर साधा निशाना
शाहगंज,जौनपुर -सपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बहाने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि सूबे में विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है । सभी तहसील, थाना और सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का रेट दो गुना बढ़ गया है।
आम आदमी मजदूर किसान की कही भी सुनवाई नहीं हो रही है।
वह शनिवार को नगर स्थित अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने एसआईआर फार्म सात के माध्यम से कथित धांधली और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट काटे जाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
कहा कि चुनिंदा इलाकों में विशेष रुप से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट काटे जाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
कहा कि चुनिंदा इलाकों में विशेष रुप से अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि फार्म सात का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। जो निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध है।वह शनिवार को नगर स्थित अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने एसआईआर फार्म सात के माध्यम से कथित धांधली और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट काटे जाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
कहा कि चुनिंदा इलाकों में विशेष रुप से अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के वोट काटे जाने को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
पूर्व मंत्री ने मांग की कि चुनाव आयोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। चेताया यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है।
शैलेन्द्र यादव ललई ने विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे एकजुट होकर इस कथित चुनावी धांधली के खिलाफ आवाज उठाएं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करें।
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